जम्मू , अगस्त 20 -- जम्मू शहर के बाहरी इलाके बंतालाब के खेरी इलाके में ज़मीन धंसने से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिसके बाद करीब एक दर्जन परिवारों को टेंट में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
मौसम विभाग की नयी चेतावनी और ज़मीन धंसने से घरों के ढांचे को और नुकसान होने के डर से निवासी टेंट में रहने को मजबूर हुए हैं। शहर से लगभग 10 से 12 किलोमीटर दूर इस पहाड़ी इलाके में ज़मीन लगातार धंस रही है और घरों में दरारें आ रही हैं, जिससे निवासियों के लिए स्थिति डरावनी हो गई है।
स्थानीय निवासी जावेद ने बताया कि ज़मीन लगातार धंसने से करीब एक दर्जन घर प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ साल पहले अपना घर बनवाया था, लेकिन उन्हें इलाके की अस्थिर मिट्टी की स्थिति और ज़मीन धंसने की संभावना के बारे में पता नहीं था। उन्होंने कहा, "घर बनने के कुछ साल बाद, ज़मीन का एक हिस्सा धंसने लगा जबकि दूसरा हिस्सा ऊपर उठने लगा, जिससे ढांचे में दरारें आ गईं।" जावेद ने बताया कि उनके भाई ने भी पास में ज़मीन खरीदी थी, लेकिन ज़मीन खिसकने के कारण निर्माणाधीन घर पूरा होने से पहले ही ढह गया।
एक अन्य निवासी मुनीरा बीबी ने कहा कि वह लगातार डर के साये में जी रही हैं क्योंकि उनके घर में दरारें आ गई हैं। उन्होंने कहा, "घर में दरारें आ गई हैं, और ऐसे हालात में, ऐसे ढांचे में रहना लगभग असंभव हो गया है जिस पर पहले से ही ढहने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।"अन्य ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों से बार-बार संपर्क करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।
निवासियों ने कहा, "ठोस कार्रवाई का अभी भी इंतज़ार है।" उन्होंने कहा कि हालांकि उन्हें अस्थायी टेंट और राहत सामग्री दी गई है, लेकिन अस्थायी आश्रयों में लंबे समय तक रहना मुश्किल होगा, खासकर बारिश के मौसम में।
खेरी के निवासियों ने एक बार फिर प्रशासन से इलाके का विस्तृत भूवैज्ञानिक और तकनीकी सर्वेक्षण करने और समस्या का स्थायी समाधान खोजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह समस्या दिन-ब-दिन और गंभीर होती जा रही है।
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