श्रीनगर , मई 30 -- जम्मू-कश्मीर हज समिति द्वारा हज यात्रियों के सामान के एक बड़े हिस्से को अहमदाबाद से श्रीनगर तक सड़क मार्ग से ले जाने के फैसले पर हज यात्रियों, उनके परिवारों और राजनीतिक नेताओं ने व्यापक रूप से आलोचना की है।

नोटेम से संबंधित प्रतिबंधों और विमान में सामान ले जाने की सीमा तय होने के कारण लिये गये इस फैसले से हजयात्रियों में असुविधा की आशंका जताई गई है, वह भी खासकर वार्षिक तीर्थयात्रा से लौट रहे बुजुर्ग हज यात्रियों के लिए।

कई लोगों को सऊदी अरब में प्रवास के दौरान खरीदी गई धार्मिक वस्तुओं, उपहारों और नाशवान वस्तुओं सहित निजी सामानों में देरी, नुकसान या क्षति का डर है, जिसके कारण उन्होंने तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।

श्रीनगर के लिए हज उड़ानों का आगमन दो जून से शुरू होने वाला है, पहली उड़ान के दोपहर 12:45 बजे श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त उड़ानों का समय तीन और चार जून को निर्धारित हैं। इस वर्ष जम्मू-कश्मीर से 7,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने हज यात्रा की।

जम्मू-कश्मीर हज समिति ने एक अधिसूचना में कहा कि हज यात्रियों की आव्रजन और सीमा शुल्क निकासी श्रीनगर की आगे की यात्रा से पहले अहमदाबाद में ही पूरी कर ली जाएगी।

सामान की संशोधित व्यवस्था के तहत, हजयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल सात किलोग्राम तक का एक हैंड बैगेज ले जाएं, जबकि श्रीनगर जाने वाली उड़ानों में केवल पांच किलोग्राम का चेक-इन बैगेज ही ले जाने की अनुमति होगी। नोटेम संबंधी प्रतिबंधों और विमान भार सीमाओं के कारण शेष सामान, प्रति तीर्थयात्री 30 किलोग्राम तक, सड़क मार्ग से अलग से ले जाया जाएगा।

समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी चेक-इन बैगेज का वजन 22 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। हजयात्री सड़क मार्ग से लाए गए अपने सामान को हज हाउस श्रीनगर पहुंचने पर वहां से प्राप्त कर सकेंगे।

इस फैसले से हजयात्रियों और उनके परिवारों में आक्रोश नजर आ रहा है। कई तीर्थयात्रियों को आशंका है कि सऊदी अरब में प्रवास के दौरान खरीदी गई धार्मिक वस्तुएं, उपहार और अन्य वस्तुएं सहित उनके सामान में देरी, क्षति या नुकसान हो सकता है।

राजनीतिक दलों ने भी इस फैसले पर चिंता व्यक्त की है। अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने कहा कि यह चिंताजनक है कि एक पवित्र यात्रा से लौट रहे तीर्थयात्रियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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