नयी दिल्ली , फरवरी 06 -- केन्द्र सरकार जम्मू-कश्मीर में सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे नेटवर्क के विस्तार के लिये प्रयासरत है और इसके लिए 118 किलोमीटर लंबी काजीगुंड -श्रीनगर -बडगाम लाइन के दोहरीकरण और बारामूला तथा उरी के बीच 40 किमी लम्बी नयी रेल लाइन बिछाने की योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर ) तैयार कर ली गयी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

रेलमंत्री ने बताया कि श्रीनगर-बारामूला खंड में सोपोर से कुपवाड़ा के बीच नयी लाइन के लिये सर्वे के बाद 34 किलो मीटर लंबी इस रेल मार्ग परियोजना के लिए डीपीआर तैयार कर ली गयी थी लेकिन इस परियोजना को अब छोड़ दिया गया है क्योंकि यह अव्यवहारिक पायी गयी है।

उन्होंने बताया कि कुल 272 किमी लंबी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना को हाल ही में चालू किया गया है। यह परियोजना जम्मू- कश्मीर के उधमपुर, रियासी, रामबन, श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, बडगाम और बारामूला जिलों को जोड़ती है और इससे क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में बड़ा लाभ हुआ है।

रेल मंत्री ने कहा कि इस परियोजना में रोज़गार सृजन भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। इससे पांच करोड़ से ज्यादा दैनिक रोजगार सृजित हुए हैं।

उन्होंने बताया कि यूएसबीआरएल परियोजना के सामाजिक-आर्थिक विकास प्रयासों का एक और महत्वपूर्ण पहलू इसके साथ 215 किमी से ज़्यादा लंबी सड़कों का निर्माण भी है। इसमें एक सुरंग और 320 छोटे पुलों का निर्माण शामिल है। सड़क नेटवर्क बढ़ने से स्थानीय आबादी के लिये अन्य क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा में सुधार हुआ है और लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी के हिस्से को देश के बाकी रेलवे नेटवर्क से हर मौसम में जुड़ने तथा विश्वसनीय और आरामदायक रेल सुविधा मिलने से कश्मीर में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित