श्रीनगर , मई 14 -- जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश शांति, समृद्धि और चौतरफा विकास के दौर से गुज़र रहा है, जबकि पाकिस्तान के कब्ज़े वाला कश्मीर उपेक्षा और कुशासन से जूझ रहा है।

श्री सिन्हा ने कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा (एलओसी ) के पास स्थित तंगधार 'शौर्य गाथा' कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए, एलओसी के दोनों ओर की स्थितियों के बीच तुलना की और कहा कि केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था है और हमेशा रहेगा। इस दौरान उन्होंने नियंत्रण रेखा के इस ओर के विकास और अवैध रूप से पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर की स्थितियों के बीच के भारी अंतर को भी उजागर करते हुए कहा कि जम्मू- कश्मीर शांति, प्रगति और समृद्धि के दौर से गुज़र रहा है, जबकि पीओके वाला कश्मीर उपेक्षा और कुशासन से जूझ रहा है।

उपराज्यपाल ने कहा, "जम्मू- कश्मीर सभी मोर्चों पर विकास के साथ आगे बढ़ रहा है। यहाँ आत्मविश्वास की एक नयी भावना है और समाज पहले से कहीं अधिक समृद्ध और शांतिपूर्ण है।"उन्होंने 'नशा मुक्त जम्मू कश्मीर' अभियान में सेना के महत्वपूर्ण योगदान की भी सराहना करते हुए कहा, "तंगधार एक रणनीतिक स्थान बना हुआ है, जहाँ हमारा पड़ोसी लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी की गतिविधियों को बढ़ाने का प्रयास करता रहता है। इस क्षेत्र में सेना द्वारा हवाई अड्डे जैसी सुविधा का विकास, नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ हमारे मिशन में एक महत्वपूर्ण संपत्ति के रूप में काम करेगा।"उपराज्यपाल ने पुलिस विभाग और सुरक्षा बलों से भी उच्चतम स्तर की सतर्कता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी निगरानी इतनी पुख्ता होनी चाहिए कि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी अवैध नशीला पदार्थ हमारे क्षेत्र में प्रवेश न कर पाये।

तंगधार में एसएम हिल पर 'शौर्य गाथा' कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन युद्धक्षेत्र पर्यटन को बढ़ावा देने, विरासत के संरक्षण और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।

उपराज्यपाल ने सेना की उत्तरी कमान, चिनार कोर, और सभी अधिकारियों, सैनिकों, इंजीनियरों, कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों की सराहना की, जिन्होंने इतने कम समय में इस प्रतिष्ठित परियोजना को पूरा किया।

उन्होंने कहा कि बहादुर सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, और उनका साहस तथा बलिदान हर भारतीय के मन में गर्व और प्रेरणा के एक शक्तिशाली स्रोत के रूप में स्थापित होना चाहिए।

उपराज्यपाल ने कहा, "हमारे बलों और लोगों का समर्पण ही राष्ट्र की सच्ची ताकत है। शौर्य गाथा कॉम्प्लेक्स भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान को समर्पित एक श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है। यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों और युद्धक्षेत्र पर्यटन, होमस्टे, स्थानीय हस्तशिल्प और युवा उद्यमिता के लिए नए अवसर पैदा करेगी।"उपराज्यपाल ने कहा, "मैं पूरे देश के नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे शौर्य गाथा कॉम्प्लेक्स का दौरा करें और कुपवाड़ा के इन अनोखे पर्यटन स्थलों पर अपनी छुट्टियों की योजना बनाएं।"श्री सिन्हा ने कहा कि प्रशासन सीमावर्ती क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 'भारत रणभूमि दर्शन' पहल के तहत वीरता स्थलों को बढ़ावा देने जैसी पहल, इस क्षेत्र की समृद्ध रक्षा विरासत और संस्कृति को प्रदर्शित करने के साथ-साथ तंगधार-करनाह क्षेत्र में आर्थिक विकास और समृद्धि लाएगी।

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