श्रीनगर , जुलाई 10 -- जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक(डीजीपी) नलिन प्रभात ने शुक्रवार को सभी सुरक्षा एजेंसियों को समूचे कश्मीर घाटी भर में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करने और आतंकवादी नेटवर्क तथा उनकी सहायता संरचनाओं पर निरंतर दबाव बनाये रखने के निर्देश दिये।
कश्मीर के पुलिस नियंत्रण कक्ष में श्री प्रभात ने आज उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), खुफिया एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने वर्तमान में लागू सुरक्षा उपायों का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया और कश्मीर घाटी में क्षेत्र-स्तरीय तैयारियों पर अपडेट साझा किया। डीजीपी ने वार्षिक तीर्थयात्रा के सुरक्षित और शांतिपूर्ण संचालन के लिए समग्र सुरक्षा माहौल और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता की भी समीक्षा की। सुरक्षा बलों के बीच तालमेल के महत्व को दोहराते हुए उन्होंने बैठक में मौजूद सभी एजेंसियों से बेहतर परिचालन परिणाम प्राप्त करने के लिए निर्बाध खुफिया जानकारी साझा करने, वास्तविक समय सूचना विनिमय और संयुक्त परिचालन योजना सुनिश्चित करने के लिए घनिष्ठ समन्वय में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड बनाये रखने के लिए समन्वित कार्रवाई और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी का समय पर प्रसार महत्वपूर्ण है। उन्होंने घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करने और आतंकवादी नेटवर्क और उनकी सहायता संरचनाओं पर निरंतर दबाव बनाये रखने का निर्देश दिये।
श्री प्रभात ने अधिकारियों को आतंकवादी सहयोगियों और अन्य राष्ट्र-विरोधी तत्वों पर कड़ी नजर रखने और जहां भी आवश्यक हो, कानून के अनुसार समय पर निवारक और कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिये। उन्होंने शांति और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए क्षेत्र प्रभुत्व, रात्रि प्रभुत्व बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने पहुंच नियंत्रण को मजबूत करने, निगरानी में सुधार करने और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने की सुविधा के लिए घाटी भर में संवेदनशील स्थानों पर प्रभावी नाका चौकियों की स्थापना का भी निर्देश दिया। यात्रा मार्ग के संवेदनशील हिस्सों, प्रमुख पारगमन बिंदुओं और अन्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
डीजीपी ने निर्बाध आवाजाही और यात्रियों की समग्र सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे बुनियादी ढांचे की सुरक्षा निगरानी बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने फील्ड अधिकारियों को तैनात कर्मियों के लिए नियमित परिचालन ब्रीफिंग आयोजित करने और तीर्थयात्रियों को सुरक्षा दिशानिर्देशों और एहतियाती उपायों के बारे में शिक्षित करके आधार शिविरों और पारगमन स्थानों पर सार्वजनिक जागरूकता पहल तेज करने का निर्देश दिया।
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