जम्मू , मार्च 27 -- जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के 'चलो सचिवालय' मार्च को रोक दिया।

पार्टी के जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष अरुण प्रभात के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में जम्मू में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग की जा रही थी।

श्री प्रभात ने आज के मार्च को केवल एक 'ट्रेलर' करार दिया। उन्होंने शुक्रवार से शुरू हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र के दूसरे चरण के साथ तालमेल बिठाते हुए जेडीए पार्किंग, इंदिरा चौक, जम्मू से नागरिक सचिवालय तक 'चलो सचिवालय' के तहत एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व किया।

उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के खिलाफ इस विरोध प्रदर्शन में हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया। श्री प्रभात ने कहा कि जम्मू क्षेत्र के युवा पिछले दो महीनों से सड़कों पर हैं और जम्मू क्षेत्र में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की मांग कर रहे हैं, फिर भी मुख्यमंत्री ने इस वैध और उचित मांग के संबंध में एक भी बयान नहीं दिया है।

भाजयुमो नेता ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि उचित समय सीमा के भीतर जम्मू क्षेत्र के लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की मांग पूरी नहीं की गई, तो पूरे जम्मू क्षेत्र में बड़े पैमाने पर युवा आंदोलन के लिए तैयार रहें। उन्होंने श्री अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार पर पिछले दरवाजे से '24,000 नौकरियां बेचने' का भी आरोप लगाया।

श्री प्रभात ने कहा, "यह इस तथ्य को साबित करता है कि व्यापक नौकरी पैकेज का वादा झूठ के पुलिंदे के अलावा कुछ नहीं था, जो नेशनल कांफ्रेस के विधानसभा चुनाव 2024 के घोषणापत्र के अध्याय 12 में लिखा गया था।" उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं को भर्ती की प्रक्रिया जानने का अधिकार है, क्या कोई विज्ञापन, लिखित परीक्षा या साक्षात्कार हुआ था? उन्होंने कहा कि सरकार को भर्ती तंत्र में शामिल कंपनी या एजेंसी के विवरण का खुलासा करना चाहिए।

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