श्रीनगर , जून 23 -- जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश नागरिक-केंद्रित सुशासन का मॉडल बनकर उभरा है। यहां वर्ष 2020 में जहां केवल 35 ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं 2023 तक उनकी संख्या बढ़कर 1,100 से अधिक हो गयी है।

केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि सरकार ने 'पीपुल फर्स्ट' दृष्टिकोण के तहत सेवा वितरण में व्यापक सुधार किये हैं। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को शासन और विकास का प्रमुख भागीदार बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि 'ब्लॉक दिवस' और 'बैक टू विलेज' जैसे अभियानों के माध्यम से सेवाओं और विकास योजनाओं को लोगों के दरवाजे तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इससे प्रशासन और नागरिकों के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत हुआ है।

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