जम्मू , अगस्त 01 -- केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर तेजी से जैव प्रौद्योगिकी और नवाचार का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ के घट्टी में स्थापित उत्तर भारत के पहले इंडस्ट्रियल बायोटेक पार्क के संचालन से क्षेत्र में स्टार्टअप, उद्यमिता और अनुसंधान को नयी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्टार्टअप क्रांति शुरू हो चुकी है और अरोमा मिशन के तहत विकसित स्टार्टअप देशभर में सफल उद्यमिता मॉडल बनकर उभरे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा नवाचार तंत्र विकसित करना है जो रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और सतत प्रगति को बढ़ावा दे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने भारत को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि यह बायोटेक पार्क जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तथा पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों, स्टार्टअप, किसानों और विद्यार्थियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करायेगा।
उन्होंने बताया कि पार्क में औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर अनुसंधान, हरित उद्योगों को बढ़ावा तथा पर्यावरण अनुकूल उद्यमों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। यहां हर्बल एक्सट्रैक्शन, फर्मेंटेशन, विश्लेषण प्रयोगशालाएं, डिस्टिलेशन यूनिट, माइक्रो-प्रोपेगेशन और प्लांट टिश्यू कल्चर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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