लखनऊ , जनवरी 22 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से गुरुवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर अब्दुल गनी राथर और बारामूला के पूर्व सांसद अब्दुल रशीद शाहीन ने लखनऊ में शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
मुलाकात के दौरान जम्मू-कश्मीर के नेताओं ने कहा कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के साथ सौतेला व्यवहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 150 वर्ष पुरानी रियासत को नुकसान पहुंचाकर वहां के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक ढांचे को कमजोर कर दिया गया है। नेताओं ने कहा कि कश्मीरियों की आवाज दबाई जा रही है, जिससे लोकतंत्र को भारी क्षति पहुंची है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में प्रशासनिक अधिकार नौकरशाही के हाथों में सिमट गए हैं और जनप्रतिनिधियों की भूमिका सीमित कर दी गई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, जबकि सरकार जनहित के मुद्दों की अनदेखी कर रही है। नेताओं के अनुसार, भाजपा सरकार की नीतियों से प्रदेश का पर्यटन उद्योग, हस्तशिल्प और फल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका संकट में है।
अब्दुल गनी राथर और अब्दुल रशीद शाहीन ने कहा कि अखिलेश यादव की कश्मीर सहित देशभर में प्रभावी भूमिका है और जनता का भरोसा उन पर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में बदलाव की दिशा उत्तर प्रदेश से तय होगी और लोगों की नजर अखिलेश यादव पर है। दोनों नेताओं ने अखिलेश यादव को जम्मू-कश्मीर आने का निमंत्रण भी दिया और कहा कि कश्मीर के लोग चाहते हैं कि वह आगे बढ़ें और राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाएं।
वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं, किसानों और व्यापारियों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया और उन्हें धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति कश्मीरियों के खिलाफ है और इसी वजह से वहां उसका कोई भविष्य नहीं है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कश्मीर में खनन गतिविधियों के लिए भाजपा जिम्मेदार है।
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