जम्मू , अक्टूबर 18 -- जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में तीन दिवसीय वार्षिक बसोहली उत्सव के चौथे संस्करण की तैयारियां पूरी हो गयी हैं। सोमवार से शुरू होने वाले इस उत्सव में क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कलाओं, खानपान और पर्यटन की संभावनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।

उन्नीस से 21 अक्टूबर तक रणजीत सागर झील के किनारे आयोजित होने वाले इस उत्सव में रामलीला, प्रदर्शनियों, लोक प्रस्तुतियों, हाफ मैराथन, बाइक रैली और युवा संसद सहित कई सांस्कृतिक एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

ऐतिहासिक रूप से विश्वस्थली के नाम से प्रसिद्ध खूबसूरत बसोहली सनातन परंपराओं, संस्कृति और समृद्ध विरासत की भूमि है। हर साल आयोजित होने वाला यह उत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं और कलात्मक विरासत के विभिन्न रंगों को दर्शाता है।

इस वार्षिक उत्सव का उद्देश्य बसोहली की सांस्कृतिक पहचान को सामने लाना और जम्मू क्षेत्र की विविध परंपराओं को एक मंच पर लाना है।

इस वार्षिक आयोजन की मेजबानी करने वाले विश्वस्थली फाउंडेशन के संस्थापक शक्ति पाठक ने बसोहली उत्सव को क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत का उत्सव बताया।

बसोहली की तुलना एक घर के ऐसे 'बैठक कक्ष' से करते हुए, जहां संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों के विभिन्न रंग देखने को मिलते हैं, पाठक ने कहा कि यह नगर उधमपुर और डोडा क्षेत्रों से भी जुड़ता है। इससे इसका महत्व और बढ़ जाता है तथा इसकी पहचान और समृद्ध होती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित