श्रीनगर , अक्टूबर 20 -- जम्मू-कश्मीर के जाने-माने ऑलराउंडर और घाटी के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर परवेज रसूल ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है।

36 वर्षीय परवेज ने सत्रह साल के प्रथम श्रेणी करियर के बाद सोमवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को अपने फैसले की औपचारिक जानकारी दी।

परवेज़ उन खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई। वह न केवल भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले खिलाड़ी बने बल्कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने वाले भी इस क्षेत्र के पहले क्रिकेटर थे।

अपने सत्रह साल के प्रथम श्रेणी करियर में परवेज ने 352 विकेट लिए और 5,648 रन बनाए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अपनी क्षमताओं के कारण, उन्हें टीम का एक विश्वसनीय ऑलराउंडर माना जाता था।

संन्यास के मौके पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए परवेज ने कहा,"जब हमने क्रिकेट शुरू किया था, तब बहुत कम लोग जम्मू-कश्मीर क्रिकेट को गंभीरता से लेते थे लेकिन हमने बड़ी टीमों को हराया और रणजी ट्रॉफी समेत बीसीसीआई के अन्य टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन किया। मैंने लंबे समय तक टीम का नेतृत्व किया और यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैंने राज्य क्रिकेट के विकास में अपनी भूमिका निभाई।" परवेज़ ने भारत के लिए केवल दो अंतरराष्ट्रीय मैच खेले - एक वनडे और एक टी-20 - लेकिन उन्होंने घरेलू स्तर पर अपने निरंतर प्रदर्शन से खुद को एक विश्वसनीय ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया।

परवेज़ दक्षिण कश्मीर के बिजबेहरा इलाके के रहने वाले हैं। वह लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर टीम के कप्तान रहे और उनके नेतृत्व में टीम ने कई महत्वपूर्ण जीत हासिल कीं।

स्थानीय क्रिकेट जगत ने उनकी सेवाओं को याद करते हुए कहा कि परवेज रसूल ने घाटी के युवाओं को क्रिकेट में एक नया रास्ता दिखाया और जम्मू-कश्मीर को राष्ट्रीय क्रिकेट मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाया।

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