श्रीनगर , अक्टूबर 16 -- जम्मू-कश्मीर सरकार ने शुक्रवार को श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव कुमार राजीव रंजन के गांदरबल की रोजगार सहायक निदेशक बीनिश वानी से कथित दुर्व्यवहार के मामले में जांच के आदेश दे दिए।
इस आदेश के अनुसार, आवास और शहरी विकास विभाग की आयुक्त/ सचिव मंदीप कौर को मीडिया में सामने आए इस मामले की जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। सरकार ने जांच अधिकारी को आदेश जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अमित वर्माणी इस मामले उनकी मदद करेंगे।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो वायरल हुआ, जिसमें 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रंजन 'मिशन यूथ अपलिफ्टमेंट एंड वाइब्रेंट एडवांसमेंट' समीक्षा बैठक के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में वह कथित तौर पर सुश्री वानी को अपमानजनक शब्द कहते और तुरंत उनका निलंबन आदेश तैयार करने का निर्देश देते नजर आ रहे हैं। उनके प्रशासनिक नियंत्रण वाले श्रम एवं रोजगार विभाग ने इस वायरल वीडियो क्लिप की प्रामाणिकता पर विवाद उठाया है।
इससे पहले दिन में, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रथम दृष्टया वरिष्ठ अधिकारी का आचरण एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से अपेक्षित मानकों के अनुकूल नहीं था और जूनियर जेकेएएस अधिकारी को दी गई धमकियों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि उन्होंने इस मामले को मुख्य सचिव के सामने बहुत मजबूती से उठाया है, और मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि जेकेएएस अधिकारी को किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर एक पूर्ण राज्य होता, तो उस आईएएस अधिकारी को आचरण की जांच लंबित रहने तक सामान्य प्रशासन विभाग से संबद्ध कर दिया जाता। महिला अधिकारी के साथ इस कथित दुर्व्यवहार पर राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है और घटना की निंदा की है।
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