श्रीनगर , फरवरी 26 -- जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव अली मोहम्मद सागर ने गुरुवार को कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा यह स्पष्ट करेगा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र, गरिमा और विकास के प्रति कितनी प्रतिबद्ध है।

एक बयान में श्री सागर ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने के संबंध में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन ने जम्मू-कश्मीर के लोगों में आशा की एक नई किरण जगाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य का दर्जा केवल एक संवैधानिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से जनता का वास्तविक अधिकार है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस का यह बयान केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने के संबंध में जल्द निर्णय लेने के संकेत दिए जाने के कुछ दिनों बाद आया है।

श्री सागर ने दावा किया कि राज्य का दर्जा बहाल होने से प्रशासनिक दक्षता और नीतिगत जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि एक सशक्त विधायिका और निर्वाचित सरकार बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास, पर्यटन, बागवानी और युवा कल्याण सहित क्षेत्र की विशिष्ट चिंताओं को दूर करने के लिए बेहतर ढंग से सुसज्जित होगी।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अपार संभावनाएं हैं और राज्य का दर्जा मिलने से स्थानीय सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप नीतियां बनाना संभव होगा, जिससे विकास में तेजी आएगी और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

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