जमुई , अप्रैल 26 -- लाज के लिए जमुई से पटना लाए जा रहे एक मरीज की बीच रास्ते में ही एम्बुलेंस का तेल खत्म हो जाने से हुई मौत के मामले को स्वास्थ्य विभाग और जमुई के जिलाधिकारी नवीन ने काफी गंभीरता से लिया है। जमुई के जिलाधिकारी नवीन ने संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियमानुसार सभी संबंधितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा की गई कार्रवाई से अवगत कराने का आदेश जारी किया है।

इस मामले में जमुई के सिविल सर्जन-सह-जिला स्वास्थ्य समिति के सचिव ने एम्बुलेंस सेवा प्रदाता एलेंसी जेन प्लस प्राइवेट लिमिटेड के क्लस्टर लीडर से इस मामले में तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है। साथ ही पूछा गया है कि इस अतिगंभीर लापरवाही के लिए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।

उल्लेखनीय है कि कई समाचार पत्रों के माध्यम से शुक्रवार को यह खबर प्रकाशित हुई थी कि इलाज के लिए जमुई से पटना लाए जा रहे एक मरीज की रास्ते में ही एम्बुलेंस का तेल खत्म हो जाने से मौत हो गई। मरीज के परिजनों के अनुसार 75 वर्षीय धीरज रविदास की तबीयत दो दिन पहले अचानक खराब हो गई थी। पहले झाझा में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जमुई सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि सिकंदरा के समीप एम्बुलेंस का तेल खत्म हो गया और वाहन बीच सड़क पर खड़ा हो गया। चालक द्वारा तेल लाने में देरी होने के कारण भीषण गर्मी के बीच मरीज की हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।

मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन दोनों स्तरों पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

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