जमुई , मार्च 18 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान बुधवार को जमुई में आयोजित जनसभा में उनके दिल्ली जाने की खबर सुन कर महिलाओं के आंसू छलक आये और उनकी जुबान से एक ही आवाज आ रही थी, "नीतीश कुमार को दिल्ली मत भेजिए, उन्हें बिहार में ही रहने दीजिए।"मुख्यमंत्री श्री कुमार जब सभा स्थल पर पहुंचे तब एक अलग ही भावनात्मक दृश्य देखने को मिला। हजारों की संख्या में पहुंची महिलाओं की भीड़ उनकी तरफ से दी जा रही विकास योजनाओं को सुनने नहीं, बल्कि अपने "नीतीश भैया" को देखने और उन्हें रोकने की उम्मीद लेकर आई थी।

सभा में मौजूद कई महिलाएं मुख्यमंत्री के दिल्ली जाने की चर्चा के बाद बेहद भावुक नजर आईं। बहुत सी महिलाओं की आंखों नम थीं और आंसुओं का सैलाब रुकने का नाम नही ले रहा था। उनका कहना था कि अगर नीतीश कुमार बिहार छोड़कर दिल्ली चले जाते हैं, तो राज्य के गरीबों और महिलाओं के लिए बड़ा नुकसान होगा।

सभा में श्री कुमार को देखने आई मंजू देवी ने कहा कि वह नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की वजह से रो रही हैं। उन्होंने हम लोगों के लिए बहुत कुछ किया है।" वहीं जया देवी ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, "हम चाहते हैं कि नीतीश कुमार बिहार में ही रहें। पहले हम लोग सिकंदरा से जमुई पैदल जाते थे, लेकिन आज सड़क और पुल की सुविधा मिल गई है।"हरिहरपुर से आई प्रेमा देवी ने भी अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि वे अपनी बहनों के साथ सिर्फ एक संदेश लेकर आई हैं-"नीतीश कुमार को दिल्ली मत भेजिए, उन्हें बिहार में ही रहने दीजिए।" उन्होंने यह भी बताया कि पहले वृद्धा पेंशन Rs.400 मिलती थी, जो अब बढ़कर Rs.1100 हो गई है। "बेटा भी पैसा नहीं देता, लेकिन नीतीश कुमार दे रहे हैं।" महिलाओं ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में कोई और मुख्यमंत्री बने, तो वह भी नीतीश कुमार की तरह गरीबों और महिलाओं का ख्याल रखे।

Bइस दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 900 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। लेकिन इन योजनाओं से ज्यादा चर्चा महिलाओं की संवेदनशीलता की रही, जिसने साफ कर दिया की नीतीश कुमार को बिहार की आधी आबादी कितना प्यार करती है।

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