पटना , अक्टूबर 08 -- ाजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से चलाया जा रहा जमाबंदी शुद्धीकरण एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान सिर्फ विभागीय जरूरत नहीं, बल्कि आमलोगों की भी जरूरत है।
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने आज राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर में अररिया, बांका, मधेपुरा एवं मुजफ्फरपुर के अंचल अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि अभियान में गति लाकर इसे सफल बनाने की जिम्मेवारी सभी अंचल अधिकारियों की है।
मंत्री ने कहा कि जमाबंदी में दर्ज भूमि संबंधी विवरण सही और अद्यतन रहने से रैयतों को अपने भूमि संबंधी कार्यों में सुविधा होगी। इसी उद्देश्य से विभाग ने 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान शुरू किया है। उन्होंने अधिकारियों को अभियान की गति बढ़ाने और निर्धारित अवधि में अधिक से अधिक जमाबंदियों के शुद्धीकरण एवं उत्तराधिकार नामांतरण की कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया।
अभियान के तहत विभाग द्वारा सभी अंचल अधिकारियों के लॉगिन में अधूरी एवं त्रुटिपूर्ण जमाबंदियों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। ये जमाबंदियां रकबा, खाता और खेसरा के आधार पर चिह्नित की गई हैं। अधिकारियों को उपलब्ध मूल अभिलेखों से मिलान कर इनका शुद्धीकरण कराने का निर्देश दिया गया है।
समीक्षा के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमाबंदी सुधार के लिए रैयत के आवेदन का इंतजार नहीं किया जाए। लॉगिन में उपलब्ध सूची के आधार पर अंचल स्तर से ही कार्रवाई शुरू की जाए। राजस्व कर्मचारियों को हलका वार जिम्मेवारी देकर माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य कराने से कार्य में बहुत आसानी होगी।
जरूरत पड़ने पर मूल अभिलेखों से सत्यापन के साथ स्थल पर जाकर भी जानकारी प्राप्त करने तथा मापी की आवश्यकता होने पर निःशुल्क मापी कराने का भी उन्होंने निर्देश दिया।
मृत जमाबंदीदारों के मामलों में उत्तराधिकार नामांतरण के लिए भी अंचल स्तर से पहल करने को कहा गया है। पंचायत सचिव, सरपंच और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों की सहायता से वंशावली प्राप्त कर वैध उत्तराधिकारियों के नाम जमाबंदी अद्यतन करने का निर्देश दिया गया।यदि उत्तराधिकारियों के बीच आपसी बंटवारा नहीं हुआ है तो सभी वैध उत्तराधिकारियों के नाम से जमाबंदी अद्यतन की जाएगी। इसके लिए भी अनावश्यक रूप से आवेदन की प्रतीक्षा नहीं करने को कहा गया।
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