रांची , मई 14 -- झारखंड के जमशेदपुर में स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला में 01 मई से 15 मई तक स्वच्छता पखवाड़ा-2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सीएसआईआर-एनएमएल ने स्वच्छ भारत मिशन हेतु तकनीकी हस्तक्षेप विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। अपने स्वागत संबोधन में डॉ संदीप घोष चौधरी, निदेशक, सीएसआईआर-एनएमएल ने बताया कि संस्थान ने "वेस्ट टू वेल्थ" की अवधारणा पर आधारित अनेक प्रौद्योगिकियों का विकास किया है, जिनमें ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग तकनीक विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की तकनीकें न केवल पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में सहायक हैं, बल्कि संसाधनों के संरक्षण एवं परिपत्र अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देती हैं।

कार्यशाला के संयोजक डॉ के गोपालकृष्ण ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक नवाचार एवं सतत तकनीकों को अपशिष्ट प्रबंधन तथा संसाधन पुनर्प्राप्ति प्रणाली में समाहित करके ही स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम में कृष्ण कुमार, उप नगर आयुक्त, झारखंड अधिसूचित क्षेत्र समिति, जमशेदपुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि योगेश राणा, प्रबंधक, टाटा स्टील यूआईएसएल, जमशेदपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मुख्य अतिथि श्री कुमार ने अपने मुख्य वक्तव्य में कहा कि स्वच्छता पहल के अंतर्गत जमशेदपुर को छोटे शहरों की श्रेणी में देश के शीर्ष तीन शहरों में स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि जेएनएसी द्वारा जमशेदपुर में बड़े पैमाने पर नगर निगम अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु अपशिष्ट उत्पादन में कमी से लेकर पुनर्चक्रण तक प्रत्येक स्तर पर जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि श्री राणा ने जमशेदपुर को स्वच्छ एवं हरित शहर बनाने हेतु टाटा स्टील यूआईएसएल द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों पर एक जानकारीपूर्ण प्रस्तुति दी। इनमें आरआरआर केंद्रों की स्थापना, इन्सिनरेशन प्लांट तथा अन्य सतत अपशिष्ट प्रबंधन उपाय शामिल थे।

कार्यशाला के दौरान सीएसआईआर-एनएमएल के वैज्ञानिक डॉ मनीष कुमार झा, डॉ आलोक मेहर, तथा जय शंकर शरण ने विषय आधारित आमंत्रित व्याख्यान प्रस्तुत किए। वहीं, मिस मुद्रिता चटर्जी ने भी स्वच्छ भारत मिशन के प्रति अपने प्रयासों एवं योगदानों को साझा किया।

कार्यक्रम में सीएसआईआर-एनएमएल के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त बहरागोड़ा पॉलीटेक्निक तथा जमशेदपुर विमेन यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भी सक्रिय भागीदारी की। अंत में स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अध्यक्ष डॉ गोपी किशोर मंडल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का समापन बहारागोड़ा से आए विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रयोगशाला भ्रमण एवं पोस्टर सत्र के साथ हुआ।

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