दरभंगा , अप्रैल 07 -- जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ए. के. गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि जब समाज एकजुट होगा और विज्ञान पर विश्वास करेगा, तभी एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य संभव है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की दरभंगा शाखा की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष की थीम 'स्वास्थ्य के लिए सब मिलकर साथ आए विज्ञान के साथ खड़े हों' है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। जब सरकार, चिकित्सक और आम नागरिक मिलकर कार्य करते हैं, तभी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। साथ ही, वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित इलाज और जागरूकता अपनाकर ही समाज को स्वस्थ बनाया जा सकता है तथा अफवाहों और गलत धारणाओं से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान और सहयोग के माध्यम से ही समाज को स्वस्थ बनाया जा सकता है तथा मानव, पशु और पर्यावरण तीनों के स्वास्थ्य पर समान ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का थीम "स्वास्थ्य के लिए एकजुट हों, विज्ञान के साथ खड़े रहें" समाज में सामूहिक प्रयास और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर जोर देता है। यह थीम यह भी बताता है कि इंसान, पशु और पर्यावरण का स्वास्थ्य आपस में जुड़ा है।यदि पर्यावरण खराब होगा तो बीमारियां बढ़ेंगी इसलिए स्वच्छ पर्यावरण भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
थीम की विस्तृत व्याख्या करते हुए डॉ ए के गुप्ता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य की परिभाषा को केवल रोगों की अनुपस्थिति से आगे बढ़ाकर शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कुशलता के रूप में परिभाषित किया है। इस वर्ष 'वन हेल्थ' की अवधारणा के तहत मानव, पशु, वनस्पति, पर्यावरण और संपूर्ण पारिस्थितिकी के समग्र स्वास्थ्य पर जोर दिया जा रहा है।
डॉ. हरि दामोदर सिंह ने कहा कि आईएमए, दरभंगा चिकित्सकों के बीच एकजुटता बनाए रखने के साथ-साथ नियमित साप्ताहिक बैठकों का आयोजन करता है और वर्षभर निःशुल्क सेवाएं जैसे टीकाकरण, कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण और स्वास्थ्य शिविरचलाता है। संस्था समय-समय पर जन-जागरूकता अभियानों का भी संचालन करती रही है।
डॉ अंजार अहमद खान ने जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना सात अप्रैल 1948 को हुई थी, जिसका मुख्यालय जिनेवा में है, और हर वर्ष इस दिन को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।
आईएमए दरभंगा के अध्यक्ष डॉ. कन्हैया जी झा ने कहा कि वर्तमान समय में उभरती बीमारियां, जलवायु परिवर्तन, जीवनशैली जनित रोग, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और भ्रामक सूचनाएं बड़ी चुनौतियां हैं, जिनका समाधान वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामूहिक प्रयास और जन-जागरूकता से ही संभव है।
इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए आईएमए दरभंगा ने सात अप्रैल 2026 से 7 अप्रैल 2027 तक 'साथ मिलकर स्वास्थ्य अभियान' चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत मासिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पहल, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जांच शिविर, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, एंटीबायोटिक दुरुपयोग रोकथाम, पर्यावरण स्वास्थ्य, बुजुर्ग स्वास्थ्य शिविर, महिला स्वास्थ्य एवं कैंसर स्क्रीनिंग तथा बाल स्वास्थ्य एवं टीकाकरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा त्रैमासिक मेगा स्वास्थ्य शिविर, मासिक जन-स्वास्थ्य व्याख्यान और सोशल मीडिया पर वैज्ञानिक संदेशों का प्रसार भी किया जाएगा। इन गतिविधियों में मेडिकल छात्रों, युवाओं, जिला प्रशासन और शैक्षणिक संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ ओम प्रकाश ने कहा कि युद्धग्रस्त विश्व में समग्र स्वास्थ्य की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने विश्व शांति के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।
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