कानपुर , मई 6 -- कानपुर कलेक्ट्रेट में बुधवार को आयोजित जनता दर्शन उस समय भावुक हो उठा, जब एक 11 वर्षीय बच्ची अपनी मां के साथ जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने पहुंची और उसकी 'गुल्लक' से जुड़ी कहानी ने सभी को भावुक कर दिया। जाजमऊ क्षेत्र निवासी शन्नो अपनी बेटियों इस्वा खां और मरियम फातिमा के साथ जनता दर्शन में पहुंची थीं। महिला की शिकायत घरेलू विवाद से संबंधित थी, लेकिन बातचीत के दौरान सामने आई बच्ची की गुल्लक की कहानी ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींच लिया।

महिला ने बताया कि उनकी बेटी इस्वा लंबे समय से अपनी मिट्टी की गुल्लक में पैसे जमा कर रही थी। वह कभी रिश्तेदारों से मिले रुपये, कभी जेब खर्च के बचे पैसे और कभी घर में मिले सिक्के उसमें डालती थी। बच्ची की इच्छा थी कि गुल्लक भरने के बाद वह अपने लिए स्कूल बैग और जरूरी सामान खरीदेगी।

आरोप है कि पारिवारिक विवाद के दौरान घरेलू सामान के साथ बच्ची की गुल्लक भी तोड़ दी गई और उसमें जमा पैसे निकाल लिए गए। जिलाधिकारी ने जब बच्ची से पूछा तो उसने मासूमियत से बताया कि वह रोज थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाती थी। यह सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।

महिला ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मामले की शिकायत पहले भी थाने में की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने थाना जाजमऊ प्रभारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने दोनों बच्चियों को अपने पास बुलाकर उनसे बातचीत की और उन्हें नया मिट्टी का गुल्लक तथा स्कूल बैग भेंट किया। साथ ही उन्होंने स्वयं 1000 रुपये नए गुल्लक में डालकर बच्चियों को बचत के लिए प्रेरित किया।

नया गुल्लक और बैग मिलने पर बच्चियों के चेहरे खिल उठे और उनकी उदासी खुशी में बदल गई। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोगों ने इस भावुक पल को देखा, जिसने जनता दर्शन में आए लोगों के मन पर विशेष छाप छोड़ी।

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