कोलकाता , मई 19 -- पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से पिछले दो दिनों के भीतर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और पार्टी के करीबियों की सिलसिलेवार गिरफ्तारियों से राज्य में एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है वहीं इस कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने प्रशासन पर राजनीति से प्रेरित होकर दमनकारी कदम उठाने का आरोप लगाया है।
सूत्रों के मुताबिक कथित जबरन वसूली रैकेट और सिंडिकेट चलाने से लेकर मारपीट, डराने-धमकाने और यहां तक कि डकैती की साजिश रचने के मामलों में पुलिस ने कई जिलों से बड़ी संख्या में स्थानीय नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है।विधाननगर में तृणमूल पार्षद सुशोभन मंडल उर्फ 'माइकल' को मंगलवार को जबरन वसूली के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि इलाके के कई दुकानदारों ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज करायी थीं। एक व्यापारी ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन तीन लाख रुपये देने के लिए मजबूर किया गया। विधाननगर नगर निगम के अंतर्गत वार्ड नंबर 26 के पार्षद मोंडल को इसी शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने जबरन वसूली की कई शिकायतों के सिलसिले में टीएमसी के करीबी सहयोगी बताए जाने वाले अभिजीत पॉले उर्फ "छोटू" को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर पिछले लगभग चार वर्षों से सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी लगाने वालों, ऑटो-रिक्शा और टोटो चालकों, बस ऑपरेटरों और फेरीवालों से दैनिक आधार पर पैसे वसूलता था।
जांचकर्ता अब इस वसूली रैकेट के दायरे का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और यह भी देख रहे हैं कि क्या यह पैसा दूसरों के साथ भी साझा किया जाता था। स्थानीय निवासियों का दावा है कि छोटू को विधाननगर के पूर्व महापौर सब्यसाची दत्ता का करीबी माना जाता था।
हिंसा और जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर बार-बार सुर्खियों में रहने वाले उत्तर 24 परगना के संदेशखली में एक बार फिर तृणमूल पदाधिकारी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने तृणमूल की संदेशखली-2 ब्लॉक इकाई के उपाध्यक्ष और पूर्व पार्टी नेता शाहजहां शेख के कथित करीबी श्रीदाम हावली को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ दर्ज मामलों में दंगा करने, मारपीट, जानलेवा हमले, महिलाओं पर अत्याचार और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह पहले 2015 में मत्स्य पालन को लेकर हुए एक विवाद में भी आरोपी रह चुका है और उस पर 2020 में कोविड महामारी के दौरान पुलिस पर हमला करने तथा सरकारी पाबंदियों का उल्लंघन करने के भी आरोप हैं।
बांकुड़ा में, पुलिस ने तृणमूल छात्र परिषद के जिला उपाध्यक्ष सूरज बॉक्स को डकैती की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले चुनावों से ठीक पहले एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक और 'संग्रामी जूंथा मंच' के नेता के साथ मारपीट के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
बांकुड़ा सदर पुलिस के अनुसार, अधिकारियों को सूचना मिली थी कि राजग्राम-श्यामडांगा रोड पर एक खादी केंद्र के पास बदमाशों का एक समूह इकट्ठा हुआ है, जो कथित तौर पर वहां से गुजरने वाले वाहनों को निशाना बनाकर डकैती की योजना बना रहा था। पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर सुरजीत प्रमाणिक और आकाश गराई को गिरफ्तार कर लिया, जबकि कई अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पूछताछ के दौरान पुलिस को एक टीएमसी युवा नेता सहित अन्य संदिग्धों के नामों का पता चला है।
पूर्व बर्धमान के मोंतेश्वर में पुलिस ने तृणमूल स्थानीय प्रभावशाली नेता अहमद हुसैन शेख को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह कथित तौर पर एक पुराने मामले में जमानत लेने अदालत पहुंचे थे। उनकी गिरफ्तारी से इलाके में काफी चर्चाएं तेज हो गयी। अहमद हुसैन मोंतेश्वर पंचायत समिति के अध्यक्ष हैं।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि अतीत में भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई मामलों में उनका नाम सामने आने के बावजूद, उनके राजनीतिक रसूख के कारण पहले उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। उन पर दर्ज आरोपों में सरकारी कर्मचारियों और इंजीनियरों के साथ मारपीट करना शामिल है। उनका नाम राज्य के पूर्व पुस्तकालय मंत्री और मोंतेश्वर के विधायक सिद्दीकुल्लाह चौधरी के वाहन पर हुए हमले के संबंध में भी सामने आया था।
इसी बीच, हावड़ा में गोलाबाड़ी पुलिस ने मोहम्मद अरशाद अंसारी को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह 25 फरवरी को शेख सौफिक नामक व्यक्ति की हत्या के बाद पिलखाना इलाके में भड़की हिंसा के दौरान पुलिस और आरएएफ जवानों पर हमले में शामिल था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क जाम, तोड़फोड़ और आगजनी किए जाने से इलाका तनावपूर्ण हो गया था। पुलिस का आरोप है कि अरशाद ने इस अशांति के दौरान एक सरकारी अधिकारी पर लाठियों से हमला किया था।
यह गिरफ्तारी मुख्यमंत्री और राज्य के पुलिस मंत्री शुभेंदु अधिकारी के पार्क सर्कस में एक जनसभा के दौरान दी गयी उस चेतावनी के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया तो किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा।
पश्चिम बर्धमान के अंडाल इलाके में, पुलिस ने रविवार रात जबरन वसूली और कोयला सिंडिकेट चलाने के आरोप में एक बूथ अध्यक्ष सहित तृणमूल के दो नेताओं को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान रामजीवन लोहार और मुन्ना साउ के रूप में हुई है। लोहार बहुला पंचायत के उप-प्रमुख हैं और उन्हें स्थानीय तृणमूल नेता बीर बहादुर का करीबी माना जाता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित