देहरादून , अप्रैल 21 -- उत्तराखंड में जन संघर्ष मोर्चा ने सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पिछले लगभग नौ से अधिक वर्षों से विभाग का दायित्व संभाल रहे हैं, इसके बावजूद उन्होंने ने विभागीय ढांचा बनवाया और नहीं सातवां वेतनमान लागू करवाया।

मोर्चा ने राज्य सरकार से श्री रावत से इस विभाग का दायित्व वापस लेने की मांग की है। मोर्चा अध्यक्ष एवं उत्तराखंड राज्य भंडारागार निगम कर्मचारी संगठन के संरक्षक रघुनाथ सिंह नेगी ने मंगलवार को विकासनगर में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भंडारागार निगम के कार्मिकों को सातवें वेतनमान का लाभ प्रदान किए जाने के मामले में 4-5 साल से पत्रावली शासन में धूल फांक रही है। इसी प्रकार विभागीय ढांचे से संबंधित पत्रावली भी रद्दी का ढेर बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद विभागीय मंत्री ने कभी इन पत्रावलियों की ओर देखने तक की जहमत तक नहीं उठायी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री सिर्फ अपने निजी हित साधने में लगे हैं। इन कार्मिकों के हितों से इनका कोई लेना-देना नहीं है।

श्री नेगी ने कहा कि सातवें वेतनमान के मामले में कार्मिकों को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। इसी प्रकार विभागीय ढांचे में परिवर्तन, पद सृजन तथा अन्य मामले में भी कार्मिक न्यायालय की शरण में जा रहे हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि जब हर काम न्यायालय से ही होना है तो फिर विभागीय मंत्री की आवश्यकता क्या है।

संवाददाता सम्मेलन में ठाकुर भाग सिंह और पछवादून अध्यक्ष अमित जैन मौजूद रहे।

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