नयी दिल्ली , अप्रैल 01 -- कांग्रेस ने लोकसभा में आज जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026 को भ्रष्टाचार और अक्षमता को बढावा देने वाला करार देते हुए कहा कि यह किसानों, कामगारों और शिल्पकारों के विरोधी है।

कांग्रेस के चमाला किरण कुमार रेड्डी ने विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि यह विधेयक भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और अक्षमता को बढावा देने वाला है। यह विधेयक सुधार के नाम पर लाया गया है लेकिन यह काम उसके विपरीत काम करेगा। सरकार कई कानूनों में दंड के प्रावधान को खत्म करने के लिए लेकर आयी है जो बहुत बड़ा आपदा बन सकता है। हमारे यहां महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कठोर कानून का प्रावधान है लेकिन इससे महिला सुरक्षा कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि इससे फर्जी दवा बनाने वालों को संरक्षण प्राप्त होगा। फर्जी दवाई बनाने का बड़ा रैकेट चल रहा है और इस विधेयक से उसे बढावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसानों, कामगारों शिल्पकाल देश की रीढ है। वह पहले से ही दवाब में काम कर रहा है और इसे विधेयक से वह और दवाब में आ जायेगा। सरकार ने किसानों के हितों को अनदेखा करते हुए उनके अधिकारों को छीनने का काम किया गया है।

भाजपा के तेजस्वी सूर्या ने कहा कि एक बड़े पैमाने पर निरअपराधीकरण करने की प्रक्रिया आजाद भारत में पहली बार किया जा रहा है। इस विधेयक के माध्यम से एक हजार से अथिक छोटे छोटे अपराधों को निरअपराधीकऱण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छोटे छोटे कानूनों में प्रक्रियागत विसंगतियां थी उसे खत्म कर सरकार ने बड़ा काम किया है। इससे सरकार ने अविश्वास से विश्वास की तरफ कदम बढाया है। इससे व्यापार में सुगमता आयेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सदस्य ने इस विधेयक को भ्रष्टाचार को बढावा देने वाला बताया तो सत्य नहीं है।

समाजवादी पार्टी के हरेन्द्र मलिक ने कहा कि सरकार का विश्वास जनता पर बना रहे है यह सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने अपराधों से सजा हटाकर जुर्माने तक सीमित किया जा रहा है जिससे लोगों में कानून का भय खत्म किया जा रहा है। महत्वपूर्ण कानूनों को डर खत्म करने से हमारी सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होगा। इस विधेयक से अपराधियों के हौसले बढेंगे जिससे अपराध बढेगा। उन्होंने कहा कि बार बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पायेगी। सरकार इसे बड़ा सुधार बता रही है जबकि यह उपरी बदलाव है। इससे कमजोर तबकों को उत्पीड़न बढेगा।

तेलुगू देशम पार्टी के श्रीभरत मुतुकुमिल्ली ने कहा कि यह विधेयक से माध्यम से छोटे छोटे कानून के गैरअपराधीकरण करने से व्यापार को बढावा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि छोटे छोटे अपराधों में जिस प्रकार की सजा का प्रावधान था उसमें कारावास की सजा को हटा दिया गया है यह सरकार का सराहनीय कदम है। पहले दवाईयों की पैकेजिंग में गलतियां होती थी उसमें एक साल की सजा का प्रावधान था उसे जुर्माने में तब्दील किया गया है।

जनता दल यूनाटेड के देवेशचंद्र ठाकुर ने कहा कि यह विधेयक भारत की शासन व्यवस्था को भय आधारित से विश्वास आधारित बनाने कि दिशा में एक एेतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के शासन तंत्र को शक और संदेह की बेड़ियों से मुक्त कर भरोसा के जरिये विकास की धूरी को स्थापित किया है। पूर्ववर्ती सरकार में लोग इंस्पेक्टर राज में जी रहे थे लेकिन हमारी सरकार ने अब तक पंद्रह सौ से अधिक कानूनों को खत्म कर शासन को सुगम बनाया है। इस विधेयक में साधारण गलतियों पर जेल नहीं जुर्माने का प्रावधान किया गया जो समय की मांग थी।

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