कोण्डागांव , मई 23 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) बस्तर संभाग ने देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि आर्थिक संकट, महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा के बजाय राजनीतिक दल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझे हुए हैं।
सीपीआई बस्तर संभाग के संभागीय संयोजक तिलक पांडे ने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि देश इस समय आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के कठिन दौर से गुजर रहा है। रुपए का अवमूल्यन, लगातार बढ़ती महंगाई, ईंधन संकट और बेरोजगारी ने आम लोगों का जीवन प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है, जबकि युवाओं का भविष्य भी असुरक्षित होता जा रहा है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में गिरावट और लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए इसकी स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की। साथ ही खनिज संसाधनों की कथित लूट और तस्करी को स्थानीय समुदायों एवं आदिवासियों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
सीपीआई ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सामाजिक एवं धार्मिक तनाव भी बढ़ा है, जिससे समाज में भय और विभाजन का वातावरण बन रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा वास्तविक जन समस्याओं पर संवाद करने के बजाय राजनीतिक टकराव और प्रतीकात्मक विरोध की राजनीति कर रही हैं।
पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकारों से महंगाई नियंत्रण, ईंधन संकट से राहत, सार्वजनिक रोजगार योजनाओं के विस्तार तथा ग्रामीण विकास में निवेश बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा आदिवासी और स्थानीय समुदायों के हितों की रक्षा के लिए खनिज नीति में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
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