चंडीगढ़ , मई 23 -- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि जितने भी सेवा कार्य हैं, उनमें सबसे श्रेष्ठ शिक्षा देने का काम है। केवल जन्म लेने से कोई इंसान नहीं बन सकता। शिक्षा उसे इंसान बनाती है और कायदे-कानून से अवगत कराती है।

शनिवार को अम्बाला छावनी के बंगाली मोहल्ले स्थित मुसद्दी लाल आर्य कन्या उच्च विद्यालय के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्यातिथि बोलते हुए विज ने कहा कि बच्चा कच्ची मिट्टी की तरह है। यह कुम्हार के हाथ में है कि वह उसे ढाल कर क्या बनाएगा। इसी प्रकार शिक्षाविदों के हाथ में है कि बच्चों को कैसी शिक्षा देकर क्या बनाया जाएगा। स्कूल में केवल अक्षर ज्ञान कराया जाता है, मगर गुरुकुल में शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता है। बाहरी आक्रमणकारियों ने समय-समय पर देश को लूटा और हमारे मूल्यों को परिवर्तित किया। उन्होंने पंक्तियां पढ़ीं, "यू तो रहा है दुश्मन दौरे-ए-जमां हमारा, कुछ तो है हस्ती मिटती नहीं हमारी"।

विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश काफी आगे पहुंचा है। जब मोदी प्रधानमंत्री बने तब हमारी अर्थव्यवस्था 14वें नंबर पर थी, अब हम तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि लड़कियों को शिक्षा देने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। यह स्कूल बेहतर कार्य कर रहा है। खुद को केवल चौकीदार बताते हुए उन्होंने कहा, "मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तोए, तेरा तुझको सौंपते, क्या लागे है मोए"।

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