हरिद्वार , फरवरी 20 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में शुक्रवार को सघन सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनसेवा केंद्र की आड़ में फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है।
यह कार्रवाई एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में की गई। पुलिस ने चारमीनार के पीछे स्थित होटल में संचालित शाहिदा मानवाधिकार जनसेवा केन्द्र पर छापेमारी कर भारी मात्रा में कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मोहरें, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा मानवाधिकार आयोग का फर्जी पहचान पत्र बरामद किया।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर संयुक्त टीम ने उक्त केंद्र पर दबिश दी, जहां आरोपी लोगों के जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार करता पाया गया। पूछताछ में उसने खुद को बिहार का निवासी बताते हुए मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष होने का दावा किया, लेकिन जांच में यह दावा झूठा निकला और पहचान पत्र भी फर्जी पाया गया।
बरामद जन्म प्रमाण पत्रों की जांच में कई प्रमाण पत्रों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित मिला और उन्हें नगर निगम रुद्रपुर के लेटर पैड पर जारी दिखाया गया था। संबंधित अधिकारियों से पुष्टि करने पर सभी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कुछ दस्तावेज स्वयं ऑनलाइन तैयार करता था और कुछ बाहर से मंगवाकर प्रिंट निकालकर लोगों को देता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह अब तक लगभग एक हजार से अधिक जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर चुका है।
गिरफ्तार आरोपी शहनवाज (24) पुत्र मोहम्मद प्यारे निवासी ग्राम दाउदपुर थाना साहिबगंज जिला मुजफ्फरपुर बताया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 45 कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र, लैपटॉप, मोबाइल फोन, छह आधार कार्ड, सात अलग-अलग मोहरें तथा फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा और फर्जी दस्तावेज़ बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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