हरिद्वार , जुलाई, 06 -- उत्तराखंड में हरिद्वार जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 90 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 48 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। जनसुनवाई के बाद सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में भूमि विवाद, राशन कार्ड, विद्युत, पेयजल, जलनिकासी, अतिक्रमण और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं। सलेमपुर मेहदूद निवासी ज्ञानचंद ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जा कर कबाड़ रखने की शिकायत दर्ज कराते हुए कब्जा हटाने की मांग की। हरजौलीजट ग्राम पंचायत के प्रधान ने इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण कार्य में कुछ लोगों द्वारा बाधा डालने तथा श्रमिकों को धमकाने का आरोप लगाते हुए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

भगवानपुर क्षेत्र के एक 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पैतृक आम के बाग में अपने हिस्से की फसल जबरन तोड़े जाने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, भोगपुर निवासी अर्जुन कुमार ने बीएसएनएल में जनरेटर ऑपरेटर के रूप में कार्य करने के दौरान आठ माह से लंबित वेतन दिलाने की मांग की। कनखल निवासी उमा सिपाहा ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाकर सड़क निर्माण कराने की मांग रखी। बहादराबाद निवासी तजेंद्र सिंह ने दौलतपुर क्षेत्र में जलभराव, जलनिकासी व्यवस्था के अभाव और गंगा नहर के बंधे पर संभावित कटाव की समस्या उठाते हुए ड्रेनेज नालों के निर्माण की मांग की। बिशनपुर कुंडी के घुमंतू एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों ने घरों तक बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। रानीपुर मोड़ निवासी नरेंद्र अरोड़ा ने शुभम विहार एवं द्वारिका विहार के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्माणाधीन नाले का कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की।

जिलाधिकारी दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर स्थायी समाधान किया जाए तथा जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर कार्रवाई करें।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में बताया गया कि एल-1 स्तर पर 501 तथा एल-2 स्तर पर 151 शिकायतें लंबित हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।

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