हरिद्वार , फरवरी 23 -- उत्तराखंड में हरिद्वार जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई/जन संवाद कार्यक्रम में 78 शिकायतें दर्ज की गयी जिसमें से 42 का मौके पर समाधान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने की।

जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 78 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 42 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। कार्यक्रम में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, राशन, अतिक्रमण, पेयजल, पंचायतीराज और शिक्षा सहित अनेक विभागों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं।

फरियादियों ने सड़क क्षतिग्रस्त होने, धूल प्रदूषण, अधिग्रहित भूमि का मुआवजा न मिलने, जलभराव, सार्वजनिक रास्ते के विवाद, घरों के पास कूड़ा डाले जाने और फसल नुकसान जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए। कुछ क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन से सड़कों की स्थिति खराब होने, बरसाती पानी की निकासी न होने से आवासीय इलाकों में जलभराव, चकरोड बाधित होने से खेती प्रभावित होने और सार्वजनिक मार्ग उपलब्ध न होने की शिकायतें भी सामने आईं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई में दर्ज सभी शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां विभागीय समन्वय के साथ मौके पर जांच कर समस्या का निस्तारण किया जाए। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी शिकायतकर्ता एक ही समस्या लेकर बार-बार जनसुनवाई में न पहुंचे। यदि किसी शिकायत का समाधान लंबित पाया गया और आवेदक दोबारा उपस्थित हुआ तो संबंधित अधिकारी को दो दिन के भीतर समस्या का समाधान करना होगा, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।

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