नयी दिल्ली , मई 26 -- पड़ोसी देशों से घुसपैठ के कारण जनसंख्या में हो रहे बदलाव को बेहद गंभीरता से ले रही सरकार ने सेवानिवृत न्यायाधीश , न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में जनसंख्या में बदलाव पर उच्च स्तरीय समिति का मंगलवार को गठन कर दिया।

समिति में जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के साथ सेवानिवृत आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, सेवानिवृत आईपीएस बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि को समिति का सदस्य बनाया गया है। गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (विदेशी-1) अनिल सुब्रमण्यम को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से इस समिति के गठन की घोषणा की थी।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर इस समिति के गठन की घोषणा की। उन्होंने एक पोस्ट में कहा ," घुसपैठ और अन्य कारणों से जनसंख्या में आ रहे अस्वाभाविक बदलाव किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए पिछले वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने 'जनसंख्या बदलाव पर उच्च स्तरीय समिति' का गठन करने की घोषणा की थी। मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि सरकार ने इस कमेटी का गठन कर लिया है।"श्री शाह ने कहा कि यह समिति न्यायमूर्ति पी पी नावलेकर की अध्यक्षता में बनायी गयी है और गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (विदेशी-1) को इसका सदस्य सचिव बनाया गया है।

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