कानपुर , मार्च 28 -- विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि देश के सामने जनसंख्या असंतुलन एक गंभीर और दूरगामी प्रभाव वाला मुद्दा बनता जा रहा है, जो केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय संतुलन से जुड़ा विषय है।

श्री परांडे ने शनिवार को यहां आयोजित कार्यक्रम में कहा कि यदि समय रहते इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर विमर्श और जागरूकता नहीं बढ़ाई गई, तो इसके परिणाम भविष्य में व्यापक रूप से सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनसंख्या असंतुलन सामाजिक संरचना, संसाधनों के संतुलन और आंतरिक शांति को प्रभावित करता है।

विहिप नेता ने लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण और सांस्कृतिक हस्तक्षेप जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ये प्रवृत्तियां समाज की मूल संरचना को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर समाज को सजग और संगठित होकर काम करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का समाधान सामाजिक एकता, समरसता, नारी सुरक्षा, परिवार जागरण और सांस्कृतिक आत्मविश्वास में निहित है। समाज को जाति, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। परांडे ने कहा कि रामोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना के प्रसार का माध्यम है। भगवान श्रीराम के आदर्श समाज को संगठन, कर्तव्य और समरसता का संदेश देते हैं।

श्री परांडे ने प्रबुद्धजनों, युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों से आह्वान किया कि वे जनसंख्या संतुलन, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक एकता जैसे विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री गजेन्द्र, प्रांत अध्यक्ष राजीव महाना, प्रांत मंत्री राजू पोरवाल और प्रचार-प्रसार प्रमुख ओमेंद्र अवस्थी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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