देवरिया , जुलाई 14 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया में मंगलवार को आयोजित 'मानवतावादी अर्थव्यवस्था' विषयक संगोष्ठी में गुजरात भाजपा के संगठन महामंत्री रत्नाकर ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय जनभागीदारी से ही साकार हो सकता है। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए रत्नाकर ने कहा कि मानवतावादी अर्थव्यवस्था का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने एकात्म मानववाद तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित विकास मॉडल को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में समाज की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
देवरिया के सांसद शशांक मणि ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में हो रहे बदलाव विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में मौजूद क्षमता को जागृत करना आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने जामवंत और हनुमान के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की क्षमता को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना होगा, तभी विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।
संगोष्ठी में सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, विधायक सुरेंद्र चौरसिया, सुरेंद्र कुशवाहा, सभाकुंवर कुशवाहा, दुर्गेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद तथा अंतर्यामी सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित