कानपुर , जून 18 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों के विकास संबंधी प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर संकलित कर शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से स्वीकृति प्रदान कर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) परिसर स्थित संयुक्त आयुक्त कार्यालय के उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करने के साथ ही कानपुर मंडल के जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, औरैया तथा फर्रुखाबाद के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों की भौगोलिक, सामाजिक और विकासगत जरूरतों की बेहतर जानकारी होती है। इसलिए उनके सुझावों और प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर संकलित कर शासन को भेजा जाए, ताकि आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान कर कार्य समयबद्ध रूप से शुरू कराए जा सकें।
उन्होंने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग की सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं से नियमानुसार क्षतिपूर्ति की वसूली सुनिश्चित की जाए। साथ ही सड़कों की गुणवत्ता और उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग, दीर्घ एवं लघु सेतु, रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी), धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग, फ्लाईओवर तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्धारित वरीयता क्रम के अनुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रमों में संबंधित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि कानपुर मंडल के छह जिलों से कुल 11,724 करोड़ रुपये की लागत वाली 1,374 परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें कानपुर नगर से 5,523 करोड़ रुपये की 344 परियोजनाएं, कन्नौज से 2,058 करोड़ रुपये की 217 परियोजनाएं, फर्रुखाबाद से 2,016 करोड़ रुपये की 339 परियोजनाएं, कानपुर देहात से 1,581 करोड़ रुपये की 387 परियोजनाएं, औरैया से 439 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाएं तथा इटावा से 104 करोड़ रुपये की 54 परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने गत वित्तीय वर्ष में स्वीकृत परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि पिछले वर्ष कानपुर मंडल में 5,497 करोड़ रुपये की लागत वाली 2,301 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनमें से 1,242 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं जबकि शेष पर कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उन मामलों में संबंधित फर्मों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने तथा एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाए।
बैठक में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राकेश सचान, असीम अरुण, अजीत पाल, प्रतिभा शुक्ला, कैलाश सिंह राजपूत, सांसद रमेश अवस्थी तथा विभिन्न क्षेत्रों के विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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