लखनऊ , मई 11 -- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी सीट से सांसद रह चुके अतुल राय ने दोहरीघाट मेमो ट्रेन संचालन के उद्घाटन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के रवैये पर नाराजगी जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक बताया है।

उन्होंने कहा कि उद्घाटन समारोह के दौरान दोनों माननीय सदस्यों द्वारा जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित करने जैसा था। पूर्व सांसद ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि एक जनप्रतिनिधि वरिष्ठ राजनयिक रह चुके हैं, जबकि दूसरे खुद को बुद्धिजीवी बताते हैं और कई संसदीय समितियों के सदस्य हैं। इसके बावजूद कार्यक्रम में जिस तरह का आचरण देखने को मिला, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

अतुल राय ने कहा कि वह विकास के श्रेय की राजनीति में शामिल नहीं हैं, बल्कि घोसी लोकसभा क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में शामिल होना ही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि दोहरीघाट से औड़िहार तक मेमो ट्रेन चलने पर आखिर किस बात का श्रेय लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रेल मंत्री की ओर से ट्रेन को वाराणसी तक चलाने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन फिलहाल औड़िहार तक पहुंचने के बाद लोगों को बनारस जाने के लिए दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। पूर्व सांसद ने दावा किया कि केवल वही नहीं, बल्कि मऊ की आम जनता भी इस तथाकथित विकास से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

गौरतलब है कि रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोहरीघाट-औड़िहार पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, घोसी से सांसद राजीव राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नई ट्रेन सेवा को पूर्वांचल क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मऊ और गाजीपुर जिलों के लोगों की लंबे समय से प्रत्यक्ष दैनिक रेल संपर्क की मांग को ध्यान में रखते हुए इस सेवा की शुरुआत की गई है।

यह ट्रेन सदात, जखनियां, दुल्लहपुर, मऊ, इंदारा, कोपागंज, घोसी, अमिला और मुरादपुर स्टेशनों पर ठहरेगी। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इस ट्रेन सेवा का विस्तार जल्द ही वाराणसी तक किया जाएगा, जिससे यात्रियों को और अधिक सुविधा मिल सकेगी।

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