अलवर , जून 23 -- पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता है, जो किसी सामान्य कार्यकर्ता को जमीन से उठाकर देश और प्रदेश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचा सकती है।
अलवर में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि जनता जनप्रतिनिधियों को सेवा के लिए चुनकर भेजती है, लूटने के लिए नहीं, लेकिन कई बार सत्ता मिलने के बाद लोग अपने मूल उद्देश्य से भटक जाते हैं। देश की राजनीति में समय के साथ काफी बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि एक बात उन्हें हमेशा कचोटती है कि जनता जिस विश्वास के साथ अपने प्रतिनिधियों को चुनती है, उस विश्वास पर खरा उतरना जनप्रतिनिधियों का सबसे बड़ा दायित्व है। लोकतंत्र की खूबी यही है कि एक साधारण कार्यकर्ता भी जनता के समर्थन से उच्चतम शिखर तक पहुंच सकता है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का विषय है।
श्री कटारिया ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में कई महान व्यक्तित्वों का योगदान रहा है, जिनमें सुंदर सिंह भंडारी और श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम विशेष रूप से लिया जाता है। इन दोनों महापुरुषों ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'एक देश में दो निशान, दो प्रधान और दो संविधान नहीं चलेंगे' का नारा देकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता की लड़ाई लड़ी। उन्होंने देश की एकता के लिए संघर्ष किया और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपना बलिदान भी दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर वर्तमान जनप्रतिनिधियों और युवाओं को राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और जनकल्याण के मार्ग पर चलना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी सुंदर सिंह भंडारी और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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