सागर , जुलाई 30 -- समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को जनता की जायज मांगों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाए तो आंदोलनों की नौबत नहीं आती।

पत्रकारों से चर्चा में श्री ठाकुर ने आरोप लगाया कि सर्वोच्च स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप संयमित भाषा का पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार आंदोलन के दौरान अमर्यादित भाषा का उपयोग किया गया और बाद में दबाव बनने पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले से संवेदनशील होकर जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता की उचित मांगों को लंबे समय तक दरकिनार करना उचित नहीं है। इस दौरान उन्होंने कहा, "कायरता और क्रूरता एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं।" श्री ठाकुर ने यह भी दावा किया कि नीट परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा मई माह में सबसे पहले लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) ने उठाया था। उनका कहना था कि यदि उस समय इस मामले पर ध्यान दिया जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी।

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