लखनऊ , मई 26 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है। मुख्यमंत्री या मंत्री इसे नहीं दे रहे, केवल उसका उचित नियोजन कर रहे हैं। जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगा। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन और प्रेरणा है।
मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लखनऊ नगर निगम में महापौर के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 413 करोड़ रुपये की 342 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। साथ ही 'स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ' पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता का आभार जताते हुए कहा कि पहली बार सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीटें भाजपा की झोली में गईं। सभी नगर निगमों में भाजपा का बोर्ड बना। इसका परिणाम है कि तीन वर्ष में नगर निगम ने विकास और स्वच्छता के नए प्रतिमान स्थापित किए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के पापों के गड्ढों को भरने और भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में समय लगा।
सीएम ने सभी 17 नगर निगमों के महापौर, 200 नगर पालिका परिषद, 545 नगर पंचायतों के चेयरमैन और लगभग 14 हजार पार्षदों को तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां 30 वर्षों से कूड़ा डंप होता था, वहां अब राष्ट्र प्रेरणा स्थल बन गया है। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। आज लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर, मेट्रो समेत हर तरह की जन-सुविधाएं हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले सपा सरकार में गरीबों के लिए मकान स्वीकृत नहीं होते थे। उनकी योजनाएं गरीबों-नौजवानों के लिए नहीं थीं। हमने जाति, क्षेत्र, मत-मजहब देखे बिना गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखकर काम किया। योगी ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 65 लाख से अधिक गरीबों को आवास उपलब्ध कराए। सपा सरकार में शासन की योजनाओं का लाभ चुनिंदा परिवारों को मिलता था। सपा के गुंडे महिला सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन वर्ष में नगर निगम, 9 वर्ष में प्रदेश और 12 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के नए प्रतिमान बने हैं। हमारे शहर 'ईज ऑफ लिविंग' की दृष्टि से स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित हैं। लखनऊ नगर निगम ने पिछले साल 200 करोड़ से अधिक का बांड जारी किया, जबकि 2017 के पहले यहां के बांड की कीमत 25 करोड़ भी नहीं थी।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा संकट वैश्विक हो चुका है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण सप्लाई लाइन बाधित हुई है। दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिका में भी पेट्रोलियम पदार्थ के दाम दोगुने से अधिक हुए हैं। लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में महंगाई को लगातार नियंत्रित किया गया है।
उन्होंने बताया कि 2017 तक यूपी में पीक पावर सप्लाई 15-16 हजार मेगावाट थी, आज 32-33 हजार मेगावाट पहुंच गई है। उत्पादन 6 हजार से बढ़कर 13 हजार मेगावाट हो गया है। रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन करीब 10 हजार मेगावाट तक बढ़ा है। लेकिन हमारी आवश्यकता 33-35 हजार मेगावाट है।
एलपीजी संकट के कारण लोग खाना पकाने में इलेक्ट्रिक हीटर भी इस्तेमाल कर रहे हैं। सीएम ने अपील की कि जितनी जरूरत हो, उतनी ही बिजली खर्च करें। अफवाह फैलाने वाले देश के हितैषी नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संकट पर वही अंगुली उठा रहे हैं, जिनके समय में लोग बिजली के तारों पर कपड़ा सुखाते थे। सपा के समय बिजली नहीं आती थी, अब पूरी बिजली दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आलोचना से काम नहीं चलेगा, संबल दें। डबल इंजन सरकार हर समस्या का समाधान निकालेगी।
सीएम ने कहा कि नगर निगम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्लेटफॉर्म है। 100 साल बाद नगर निगम का भव्य भवन बन रहा है।
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