बैतूल , मई 18 -- मध्यप्रदेश के जनजातीय अंचलों में पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में बैतूल जिले के बज्जरवाड़ा गांव में तीन नए ट्राइबल होमस्टे शुरू किए गए हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की जनजातीय पर्यटन परियोजना के तहत स्थापित इन होमस्टे का उद्घाटन केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने किया।

यह परियोजना मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और 'बैक टू विलेज' संस्था के सहयोग से बैतूल और छिंदवाड़ा जिलों के पांच गांवों में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य छोटे भूखंड वाले और आर्थिक रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों को उनकी संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली के माध्यम से स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध कराना है।

उद्घाटन समारोह में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे तथा घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा उइके सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

दुर्गादास उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जनजातीय समाज के उत्थान के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय परंपराएं केवल सांस्कृतिक धरोहर नहीं बल्कि प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने का वैज्ञानिक तरीका भी हैं।

मोहन नागर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में प्रकृति के करीब रहने वाली जनजातीय जीवनशैली पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन सकती है। विधायक गंगा उइके ने होमस्टे संचालकों को स्थानीय संगीत, भोजन और पारंपरिक गतिविधियों को पर्यटन से जोड़ने की सलाह दी। मंगल सिंह धुर्वे ने जनजातीय खान-पान और रीति-रिवाजों को पर्यटन का महत्वपूर्ण आधार बताया।

परियोजना की विशेषता यह है कि पर्यटन बोर्ड के निर्देशानुसार सभी होमस्टे का स्वामित्व परिवार की महिला सदस्य के नाम पर रखा गया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिला है।

'बैक टू विलेज' संस्था के संस्थापक मनीष कुमार ने बताया कि संस्था का लक्ष्य गांव के प्रत्येक परिवार से कम से कम एक व्यक्ति को इस परियोजना से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि शहरों की ओर पलायन कर चुके कई लोग अब गांव लौटकर होमस्टे संचालन में सहयोग कर रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में प्रयास ग्राम पर्यटन समिति के अध्यक्ष पवन परते ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आयोजन में प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण और उत्तरदायी पर्यटन के प्रति गांव की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित