बैतूल , जुलाई 14 -- मध्यप्रदेश जनजाति आयोग के सदस्य एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त मंगलसिंह धुर्वे ने बैतूल जिले के पाढर स्थित जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित बालक छात्रावास और कन्या आश्रम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कन्या आश्रम की अधीक्षिका के अनुपस्थित मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार धुर्वे ने सबसे पहले बालक छात्रावास का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने विद्यार्थियों को परोसे जा रहे दाल, चावल, सब्जी और रोटी की गुणवत्ता का परीक्षण किया। उन्होंने सब्जी की गुणवत्ता में सुधार करने तथा निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों से चर्चा कर अध्ययन, खेलकूद, स्वास्थ्य सुविधाओं और छात्रावास की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इसके बाद उन्होंने कन्या आश्रम का निरीक्षण किया। यहां भी छात्राओं को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान आश्रम की अधीक्षिका भावना मशराम अनुपस्थित मिलीं। साथ ही उपस्थिति पंजी और निरीक्षण पंजी भी उनके कक्ष में ताले के भीतर बंद मिली। इस पर धुर्वे ने जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त से दूरभाष पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बाद में अधीक्षिका आश्रम पहुंचीं और उन्होंने बताया कि वह अपने पुत्र के उपचार के लिए बैतूल गई थीं तथा निरीक्षण की सूचना मिलने पर तत्काल लौट आईं।
धुर्वे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रावासों और आश्रमों में जनजातीय विद्यार्थियों के लिए निर्धारित भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास सहित सभी सुविधाएं समय पर तथा गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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