बीजापुर , अप्रैल 16 -- ) छत्तीसगढ़ के बीजापुर में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देशन में व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। नगरीय निकायों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक चौक-चौराहों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। साथ ही ऑडियो प्रचार के माध्यम से भी आमजन को जागरूक किया जा रहा है।

जनगणना प्रक्रिया के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य एक मई से 30 मई तक किया जाएगा। इस दौरान जिले के प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन का सर्वे कर उसकी स्थिति, उपयोग और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। यह चरण भविष्य की विकास योजनाओं के लिए आधार तैयार करेगा।

इस बार जनगणना को अधिक सरल और सहभागी बनाने के उद्देश्य से स्व-गणना की सुविधा भी दी गयी है। वहीं, 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच इच्छुक नागरिक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक विशेष स्व-गणना पहचान पत्र (आईडी) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा। प्रगणक के आने पर इसी आईडी के माध्यम से जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।

जनगणना के दौरान भवन की संख्या, प्रकार, उपयोग, निर्माण की स्थिति (कच्चा, पक्का या अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या तथा पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी। ये आंकड़े सामाजिक-आर्थिक योजनाओं और आधारभूत विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। स्व-गणना करने वाले परिवार अपनी आईडी प्रगणक को अवश्य साझा करें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्रित सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

कलेक्टर ने नागरिकों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि सटीक आंकड़े ही योजनाओं को प्रभावी बनाते हैं और विकास को सही दिशा देते हैं।

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