बीजापुर , अप्रैल 27 -- छत्तीसगढ़ में सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर और महासचिव तिमोथी लकड़ा ने वर्ष 2026 की प्रस्तावित जनगणना में आदिवासी समुदाय की विशिष्ट पहचान दर्ज कराने को लेकर सभी समाजों से सक्रिय भागीदारी की सोमवार को अपील की है। इस संबंध में बस्तर संभाग के बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के पदाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
जारी पत्र में गोंड, कोया, ध्रुव गोंड, हल्बा (18गढ़, 32गढ़, 36गढ़), मुरिया, भतरा, धुरवा, दोरला, गदबा, परजा, परधान, उरांव, कंवर, सौरा, ओझा, माड़िया, अबुझमाड़िया, दण्डामी माड़िया, पारधी, कंडरा, मुंडा, कमार, सोनझर और नागरची समाज के अध्यक्षों एवं सचिवों से विशेष सहयोग की अपेक्षा की गई है।
प्रकाश ठाकुर और तिमोथी लकड़ा ने कहा कि आगामी जनगणना आदिवासी समाज के अस्तित्व, पहचान और भविष्य के अधिकारों के निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। समाज लंबे समय से अपनी विशिष्ट संस्कृति, परंपरा और प्रकृति-पूजक जीवन शैली के अनुरूप पृथक 'आदिवासी धर्म' दर्ज कराने की मांग करता रहा है।
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