कन्नौज , जनवरी 30 -- समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनगणना में सभी जातियों की गिनती कराने की मांग करते हुए कहा कि पिछड़ी, अगड़ी, दलित, आदिवासी समेत सभी जातियों के लिए अलग कॉलम शामिल किया जाना चाहिए। इससे प्रत्येक वर्ग की वास्तविक संख्या का पता चलेगा और उन्हें हक व सम्मान दिलाने में सहूलियत होगी।
शुक्रवार को कन्नौज दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में श्री यादव ने कहा कि जातीय जनगणना में लोगों की बीमारी और मृत्यु के कारणों का भी उल्लेख होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड काल में वैक्सीन लगवाने से कई लोगों की जान गई, इसलिए जनगणना में इस संबंध में भी जानकारी दर्ज की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का कन्नौज से पुराना संबंध रहा है और पार्टी ने यहां व्यापक विकास कार्य कराए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने उन योजनाओं को रोक दिया। कन्नौज मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएं खराब हो गई हैं और पैरा मेडिकल कॉलेज का कार्य अधूरा पड़ा है।
एक प्रश्न के उत्तर में श्री यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य का अपमान किया है और जानबूझकर उन्हें स्नान से रोका गया। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज के सभी वर्गों का अपमान कर रही है और नफरत की राजनीति कर रही है। असम के मुख्यमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा कि भाजपा नेता कुर्सी बचाने के लिए नफरत फैलाते हैं।
उन्होंने कहा कि जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से त्रस्त है तथा 2027 का सबसे बड़ा मुद्दा "भाजपा हटाओ" होगा।
हवाई यात्राओं की सुरक्षा पर श्री यादव ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप नए और सुरक्षित विमान होने चाहिए तथा उनकी समुचित मेंटेनेंस होनी चाहिए। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान हादसे के संदर्भ में उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया।
पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में पीडीए की ताकत से भाजपा पराजित हुई है और पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहकर मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वोट कटवाने की कोशिश कर रही है, इसलिए कार्यकर्ता सावधानी बरतें।
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