वाराणसी , अक्टूबर 10 -- वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई।
जनगणना निदेशालय के उप निदेशक एवं मंडल प्रभारी अजय कुमार ने तैयारियों, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति तथा डिजिटल माध्यम से आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना संवैधानिक एवं वैधानिक प्रक्रिया है, जो जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत संचालित होती है।
उन्होंने बताया कि स्व-गणना 16 से 30 नवंबर 2026 तक होगी, जबकि प्रगणक एवं पर्यवेक्षक एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करेंगे। इस दौरान परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। पांच से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण कार्य होगा। चार जनवरी की रात बेघर लोगों की गणना की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिनियम की धारा 15 के तहत जनगणना संबंधी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय हैं और किसी भी व्यक्ति से किसी प्रकार का दस्तावेज नहीं लिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानंद गुप्ता ने 14 अक्टूबर तक प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण स्थलों का चयन करने तथा 14 नवंबर तक प्रशिक्षण पूरा करने को कहा। उन्होंने स्व-गणना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
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