नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी के गड्ढे में मौत के संबंध में 877 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है जिसमें तीन व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।
आरोप पत्र में निर्माण परियोजना के क्रियान्वयन में हुई कथित खामियों को रेखांकित किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह आरोप पत्र मंगलवार को अदालत में पेश किया गया था, जबकि पुलिस ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी छह फरवरी को दर्ज की गई थी।
पुलिस बयान के मुताबिक, आरोपियों में मुख्य ठेकेदार कंपनी के.के.एस.पी.यू.एन. प्राइवेट लिमिटेड के निलंबित निदेशक हिमांशु गुप्ता (45), परियोजना से जुड़े उप-ठेकेदार राजेश कुमार (47) और साइट पर तैनात कर्मचारी योगेश (23) शामिल हैं।
आरोप पत्र में आरोपियों की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों, अनुबंध ढांचे और घटना के समय साइट की स्थितियों व समन्वय का विस्तृत विवरण दिया गया है।
पुलिस ने कहा कि जांच में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया कि क्या निर्माण परियोजना की निगरानी करने वाले अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों का पालन किया, श्रम तैनाती का सही प्रबंधन किया और कार्य के दौरान सही प्रक्रियाओं को अपनाया।
अधिकारी ने बताया कि इस भारी-भरकम आरोप पत्र में गवाहों के बयान, तकनीकी मूल्यांकन और सहायक दस्तावेज भी शामिल हैं। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी हिमांशु गुप्ता पर समग्र निगरानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी थी। वहीं, उप-ठेकेदार राजेश कुमार पर साइट के कामकाज की निगरानी का जिम्मा था। श्री गुप्ता को मार्च में हिरासत में लिया गया था।
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