बेंगलुरु , जनवरी 27 -- जनता दल (सेक्युलर) विधायक करेम्मा जी नायक ने मंगलवार को विधानसभा में बालू माफिया से धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जतायी है।
सुश्री करेम्मा ने प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि कृष्णा नदी के किनारे अवैध बालू खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है और इससे निवासियों में डर का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि बिना किसी कार्रवाई के डर के बालू की अवैध ढुलाई की जा रही है और महिलाएं दिन में भी अपने घरों से बाहर निकलने से डरती हैं।
सुश्री करेम्मा ने कहा कि बतौर एक जन प्रतिनिधि अपना काम करते समय उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने पूछा, "मैं जब भी लोगों से मिलने बाहर जाती हूं, तो कई गाड़ियां मेरा पीछा करती हैं। जब उनसे पूछा जाता है, तो वे मुझे धमकाते हैं और कहते हैं कि वे मेरी 'रक्षा' कर रहे हैं। अगर एक महिला विधायक के साथ ऐसा हो रहा है, तो आम नागरिकों की क्या स्थिति होगी?" उन्होंने बिगड़ते शासन को दर्शाने वाली घटनाओं का भी जिक्र किया, जिसमें दिनदहाड़े एक अस्पताल से डायलिसिस मशीन हटाना और बिना रोक-टोक बालू परिवहन के कारण सड़कों का खराब होना शामिल है।
विधायक ने अधिकारियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया, यह दावा करते हुए कि खुली रेत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और प्रभावशाली लोग आर्थिक रूप से फायदा उठा रहे हैं, जबकि सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से बार-बार शिकायतें करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला और पुलिस इनपुट के आधार पर गृह मंत्री का लिखित जवाब अपर्याप्त था।
जनता दल (एस) नेता सीबी सुरेश बाबू ने उनके दावों का समर्थन करते हुए कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को भी कोई सुरक्षा नहीं मिल रही है। जनता दल (एस) के वरिष्ठ विधायक जीटी देवेगौड़ा ने कहा कि इस मुद्दे पर तत्काल और गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने आरोपों का जवाब देते हुए सदन को आश्वस्त किया कि विधायक को पूरी सुरक्षा दी जाएगी और जहां भी कमियां पाई जाएंगी, वहां कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बालू माफिया की समस्या सिर्फ देवदुर्ग तालुक तक ही सीमित नहीं है और इस मुद्दे को खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के तहत निपटाया जा रहा है।
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