यमुनानगर , अक्टूबर 23 -- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) जगाधरी-यमुनानगर शाखा ने क्षेत्र के एक मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में 24 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित रहने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. रेजिनाल्ड मसीह ने शुक्रवार को बताया कि अस्पताल पूरी तरह डीजल जनरेटर पर निर्भर है। आईसीयू में गंभीर मरीज भर्ती हैं और ऑपरेशन भी जारी हैं। उपायुक्त और बिजली विभाग को बार-बार अनुरोध के बावजूद ग्रिड सप्लाई बहाल नहीं हुई है।
आईएमए ने कहा कि अस्पताल अनिवार्य सेवा हैं और लंबे समय तक बिजली बाधित नहीं की जा सकती। वेंटिलेटर, मॉनिटर, ओटी उपकरण और लाइफ सपोर्ट सिस्टम के लिए निरंतर बिजली जरूरी है। जनरेटर में तकनीकी खराबी, डीजल की कमी या ओवरलोड होने पर मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
आईएमए ने कहा कि विद्युत अधिनियम 2003 के तहत वितरण कंपनियों का दायित्व है कि वे कुशल वितरण प्रणाली बनाए रखें और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करें। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के नियमों में अस्पतालों को जलापूर्ति, रक्षा प्रतिष्ठानों की तरह अनिवार्य सेवा माना गया है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन का अधिकार भी राज्य को बाध्य करता है कि आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की विफलता से जीवनरक्षक चिकित्सा प्रभावित न हो।
एसोसिएशन ने बताया कि 22 से 24 अक्टूबर की तीन दिवसीय हड़ताल के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जनों और पीएमओ को पावर बैकअप, 24 घंटे इलेक्ट्रीशियन की तैनाती और नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए थे। उपायुक्तों को भी अस्पतालों सहित अनिवार्य सेवाओं को प्राथमिकता पर आपूर्ति देने को कहा गया था, लेकिन इस मामले में ये प्रबंध प्रभावी नहीं रहे।
आईएमए ने उपायुक्त, संबंधित बिजली वितरण कंपनी और उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर अस्पताल की ग्रिड आपूर्ति बहाल करने, सभी अस्पतालों, पुलिस थानों और प्रशासनिक केंद्रों को हड़ताल अवधि में निर्बाध बिजली देने और अतिरिक्त जनरेटर एवं तकनीकी स्टाफ का प्रबंध करने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा कि बैकअप फेल होने से कोई अनहोनी होने पर जवाबदेही तय की जाए।
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