बहराइच , जनवरी 21 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद अंतर्गत पयागपुर थाना क्षेत्र में 12/13 जनवरी की रात पूर्व बीडीसी सदस्य जगदेव यादव की निर्मम हत्या के मामले में सियासत गरमाने के साथ ही अब समाजवादी पार्टी की आंतरिक कलह भी खुलकर सामने आ गई है।

पार्टी द्वारा प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम के तहत बुधवार को गठित 11 सदस्यीय जांच टीम को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचना था, लेकिन मौके पर टीम की एकजुटता नदारद दिखी और जांच दल विवादों में घिर गया।

निर्धारित कार्यक्रम के विपरीत 11 सदस्यीय जांच टीम के सदस्य भगत राम मिश्र अकेले ही पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने हत्याकांड को कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।

वहीं मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल ताकि आप ग्यारह सदस्यीय टीम के हिस्सा थे तो अकेले क्यों मिलने आए इसपर अपने पार्टी के पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव का नाम लिए बगैर कहा कि उनके यहां सभी का दावत था और वहीं से सबको दावत खाकर निकलना था लेकिन उन्होंने मेरा निमंत्रण नहीं लिया इसलिए पार्टी द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में हम पीड़ित के घर अकेले आए और मामले में जानकारी लेकर परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सपा की जांच टीम में आपसी गुटबाजी सदस्य अलग-अलग समय पर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, जिससे पार्टी की रणनीति और एकता पर सवाल खड़े हो गए। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि एक ओर पार्टी सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमलावर है, वहीं दूसरी ओर उसी की जांच टीम खुद समन्वय के अभाव में बिखरी दिखाई दे रही है।

उधर, भगत राम मिश्र ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। पीड़ित परिजनों ने भी न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिलती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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