जगदलपुर , फरवरी 25 -- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में पुलिस की विशेष टीम 'ब्लैक पैंथर' द्वारा बेरहमी से पिटाई करने से आहत एक युवक ने इंद्रावती नदी पर बने पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के करीब 16 घंटे बाद राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने बुधवार दोपहर युवक का शव नदी से बरामद कर लिया है।
मृतक तरुण के करीबी दोस्त प्रियांशु ने कहा है कि 'ब्लैक पैंथर' टीम के लोगों ने तरुण की बेरहमी से पिटाई की थी, जिसके चलते वह मानसिक रूप से इतना टूट गया कि उसने नदी में छलांग लगा दी। प्रियांशु ने मीडिया को बताया कि आत्महत्या से पहले तरुण ने उसे फोन कर अपनी आपबीती सुनाई थी। उसने कहा "तरुण ने मुझे रोते हुए बताया कि उसे बहुत ज्यादा मारा गया है और वह अब मर जाएगा।" उसने आगे कहा कि तरुण और आंटी (तरुण की मां) ने उसे कॉल करके इस घटना की जानकारी दी थी। प्रियांशु का कहना है कि अगर कॉल डिटेल और मोबाइल रिकॉर्डिंग की जांच की जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।
यह पूरी घटना 24 फरवरी की रात की है। रायपुर-बस्तर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर इंद्रावती नदी के पुल से तरुण ने छलांग लगा दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। अंधेरा और नदी में तेज बहाव के कारण रात भर चले तलाश अभियान में सफलता नहीं मिल सकी थी। आज दोपहर करीब एक बजे एसडीआरएफ के गोताखोरों ने तलाश के दौरान युवक का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने पंचनामा करवाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इधर, पूरे मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के परिजनों और दोस्तों ने पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई की मांग को लेकर नाराजगी जताई है। बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा है कि यदि 'ब्लैक पैंथर' टीम द्वारा किसी प्रकार की मारपीट की गई है और इसके ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मृतक के दोस्तों को उपलब्ध साक्ष्यों के साथ पुलिस से मिलना चाहिए था, ताकि समय रहते जांच शुरू की जा सके।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी।
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