नयी दिल्ली , जुलाई 25 -- दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन से संबंधित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में पाकिस्तान से संचालित 400 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक किये गये हैं।
साथ ही लोगों से सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करने की अपील की गयी है।
केंद्रीय जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इन सोशल मीडिया अकाउंट से आंदोलन को लेकर डीपफेक वीडियो, संपादित तस्वीरें और मनगढ़ंत पोस्ट प्रसारित कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा था।उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे और खातों की पहचान करने में लगातार जुटी है। अब तक 400 से अधिक ऐसे सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा चुका है, जो एआई जनित सामग्री, डीपफेक वीडियो, संपादित तस्वीरें और आंदोलन से जुड़ी अन्य भ्रामक सामग्री फैला रहे थे।"उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ अकाउंट ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सक्रिय थे। उन पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयानों में कथित रूप से हेरफेर कर तथा छेड़छाड़ किये गये दृश्य प्रसारित कर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप है।
पुलिस उपायुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर गलत जानकारी तेजी से फैलती है, इसलिए पुलिस लगातार इन गतिविधियों पर नजर रख रही है।
उन्होंने कहा, "पिछले कई सप्ताह से जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर जानकारी बहुत तेजी से वायरल होती है, लेकिन हर पोस्ट, वीडियो या तस्वीर सही हो, यह जरूरी नहीं है। किसी भी जानकारी पर विश्वास करने या उसे आगे साझा करने से पहले उसकी तथ्यात्मक जांच करना बेहद जरूरी है।"श्री सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से समय-समय पर फर्जी खबरों का खंडन करती रहती है। इनमें एआई जनित और डीपफेक वीडियो, संपादित क्लिप तथा भ्रामक पोस्ट शामिल हैं, ताकि लोग वास्तविक और फर्जी सामग्री के बीच अंतर कर सकें।
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