बैतूल , अक्टूबर 27 -- जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन ने जंगल मद में दर्ज जमीनों के आवंटन और उन्हें आरक्षित वन बनाने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है। संगठन ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर संबंधित भूमि आवंटन आदेशों को निरस्त करने तथा स्थानीय आदिवासियों के सामुदायिक वन अधिकारों को मान्यता देने की मांग की।
जयस के राष्ट्रीय संरक्षक एवं मनावर विधायक डॉ. हिरालाल अलावा तथा संगठन के संरक्षक चंद्रशेखर धुर्वे (राजा) के मार्गदर्शन में सौंपे गए ज्ञापन में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237(1) के तहत जंगल मद में दर्ज सार्वजनिक प्रयोजन की भूमि के आवंटन पर सवाल उठाए गए हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई न्यायालयीन आदेशों और मौजूदा कानूनी प्रावधानों के विपरीत है।
जयस ने बैतूल, मुलताई और भैंसदेही क्षेत्रों में संबंधित भूमि की जांच तथा उसे आरक्षित वन बनाने की प्रक्रिया का विरोध किया है। संगठन ने विवादित भूमि आवंटन आदेशों की उच्चस्तरीय समीक्षा, धारा 5 से 19 के तहत चल रही जांच प्रक्रिया पर रोक लगाने और स्थानीय आदिवासियों व ग्रामीणों के सामुदायिक वन अधिकारों के दावों का नियमानुसार निराकरण करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान विनायक धुर्वे, चंद्रशेखर धुर्वे और महेश उईके सहित संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन ने अपने पक्ष में न्यायालयीन आदेशों, भूमि आवंटन पत्रों और शासकीय पत्राचार की प्रतियां भी संलग्न की हैं। प्रशासन ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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