बैतूल , फरवरी 15 -- महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश में बैतूल जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल छोटा महादेव भोपाली में इस वर्ष आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। अनुमान के अनुसार एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। सुबह से ही मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंजता रहा।
मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा महाराष्ट्र, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम सहित आसपास के आदिवासी अंचलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रशासन द्वारा दर्शन व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा और यातायात के विशेष प्रबंध किए गए, जिससे आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सका।
परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने पहले पवित्र देनवा नदी में स्नान किया, तत्पश्चात पहाड़ी पर स्थित मंदिर में दर्शन किए। श्रद्धालुओं का मानना है कि देनवा में स्नान के बाद भगवान शिव के दर्शन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
छोटा महादेव की प्राकृतिक गुफा में स्थापित स्वयंभू शिवलिंग इस स्थल की प्रमुख विशेषता है, लेकिन पहाड़ी में आई बड़ी दरार के कारण लगातार तीसरे वर्ष गुफा में प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया है। यह दरार वर्ष 2014 में पहली बार दिखाई दी थी। भूवैज्ञानिकों के अनुसार क्षेत्र चूना-पत्थर की चट्टानों से निर्मित होने के कारण प्राकृतिक क्षरण से प्रभावित हो सकता है।
श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गुफा के भीतर स्थापित शिवलिंग के सामने कैमरे लगाए हैं, जिनकी लाइव तस्वीरें नीचे एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित की जा रही हैं। श्रद्धालु स्क्रीन के माध्यम से दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
मुख्य गुफा के अतिरिक्त श्रद्धालुओं ने परिसर स्थित अंबा माई मंदिर और अन्य शिवलिंगों पर भी पूजा की। मंदिर परिसर में दस दिवसीय मेला भी प्रारंभ हो गया है, जिसमें धार्मिक सामग्री और पारंपरिक वस्तुओं की दुकानें सजी हैं। जनपद सीईओ तीजा पवार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और गुफा में प्रवेश पर रोक एहतियातन लगाई गई है।
धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने भस्मासुर से बचने के लिए इस गुफा में शरण ली थी। महाशिवरात्रि पर प्रतिवर्ष यहां विशाल मेला आयोजित होता है। इस वर्ष भी भारी भीड़ ने इस स्थल की आस्था और महत्ता को पुनः रेखांकित किया है।
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