पटना , जनवरी 30 -- लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव पंकज पाल की अध्यक्षता में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल मधुबनी एवं झंझारपुर अंतर्गत संचालित जलापूर्ति योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ-साथ संवेदक भी उपस्थित रहे।समीक्षा के दौरान सर्वप्रथम हर घर नल का जल योजना अंतर्गत छूटे हुए टोलों में संचालित कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। सचिव ने सभी संबंधित योजनाओं का कार्य इस वर्ष मई माह तक पूर्ण करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।

इस दौरान यह पाया गया कि कई जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण में भूमि की उपलब्धता से संबंधित समस्याएँ सामने आ रही हैं। इस पर संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर अविलंब बाधाओं को दूर करते हुए साइट क्लियर कर संवेदकों को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया, जिससे कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके।

सचिव श्री पाल ने स्पष्ट किया कि जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण किसी भी स्थिति में भूमि अनुपलब्धता की समस्या के कारण बाधित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी अड़चनों की निगरानी जिला प्रशासन के साथ-साथ मुख्यालय स्तर से भी उच्च स्तर पर दैनिक आधार पर की जाएगी।

बैठक के दौरान सभी संवेदकों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र के प्रत्येक प्रखंड में अनिवार्य रूप से इन्वेंट्री स्टोर की स्थापना सुनिश्चित करें। यह इन्वेंट्री स्टोर जीआईएस मैपिंग के साथ इन्वेंट्री आधारित होगा, जिससे सामग्री की उपलब्धता एवं उपयोग पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इसके अतिरिक्त सभी संवेदकों को नियमित मरम्मति दल में आवश्यकता के अनुसार कार्यबल बढ़ाने का निर्देश दिया गया, जिससे जलापूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान में विलंब न हो। साथ ही कार्य बल की सम्पूर्ण जानकारी विभागीय एमआईएस पर भी अपलोड करना होगा।

सभी कार्यपालक अभियंताओं को इस व्यवस्था की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया गया तथा यह भी स्पष्ट किया गया कि निगरानी तथा मरम्मत दल से संबंधित अपलोड किए गए जानकारी में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों तथा संवेदको के विरुद्ध अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि कई संवेदकों द्वारा जलापूर्ति से संबंधित दर्ज शिकायतों का समयबद्ध निवारण नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में सचिव ने निर्देश दिया कि यदि संचालन एवं रख-रखाव नीति के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निष्पादन नहीं किया जाता है, तो संबंधित संवेदकों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में विद्युत भुगतान की भी समीक्षा की गई। जिन संवेदकों द्वारा बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद विद्युत भुगतान में अपेक्षित प्रगति नहीं लाई जा रही है, ऐसे संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करते हुए उनके सुरक्षा जमा से बकाया राशि की वसूली करने का निर्देश दिया गया।

समीक्षा के दौरान कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर कार्यपालक अभियंता, झंझारपुर, कार्यपालक अभियंता, मधुबनी तथा अधीक्षण अभियंता, दरभंगा का वेतन अवरुद्ध करते हुए आरोप पत्र गठित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल, विशेष सचिव संजीव कुमार,अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव नित्यानंद प्रसाद, अभय कुमार, मुख्य अभियंता मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र, संबंधित क्षेत्र के संवेदक एवं विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित